सुप्रीम कोर्ट में केन्द्र सरकार ने कहा , सिविल सेवा परीक्षा में एक और मौका देने पर चल रहा विचार

सुप्रीम कोर्ट में केन्द्र सरकार ने कहा कि कोविड 19 के कारण प्रभावित सिविल सेवा परीक्षा में शामिल अभ्यर्थियों को एक अतिरिक्त मौका दिए जाने के मामले पर सरकार और लोक सेवा आयोग(यूपीएससी) द्वारा गम्भीरता से विचारविमर्श किया जा रहा है। 

सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस एएम खानविलकर, जस्टिस वी आर गवई एंव जस्टिस कृष्ण मुरारी की संयुक्त पीठ के समक्ष पेश होकर सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा की

सरकार,सिविल सेवा परीक्षा में उम्मीदवारों को एक अतिरिक्त मौका प्रदान किये जाने की मांग वाली याचिका के खिलाफ नही है और सरकार इस मुद्दे पर गम्भीरता पूर्वक विचार कर रही है।

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और इस पर 3 से 4 सप्ताह में फैसला ले लिया जाएगा, तुषार मेहता ने कहा कि एक अतिरिक्त मौका देने के लिए संभव है की नियम में बदलाव न करना पड़े। 

याचिकाकर्ताओं के पक्षकार वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने कोर्ट में कहा कि कोरोना महामारी के कारण कई छात्र परीक्षा में बैठ नही सके और बहुत से छात्रों को अच्छी तैयारी के बिना एक्जाम देना पड़ा। ऐसे में छात्रों को अतिरिक्त मौका मिलना चाहिए। 

सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ता से कहा कि केन्द्र सरकार इस पर विचार कर रही है। सरकार के जवाब का इंतजार करना चाहिए। साथ ही सरकार को आयु में छूट प्रदान करने पर भी विचार करने के लिए कहा। कोर्ट ने अगली सुनवाई के लिए 11 जनवरी की तारीख तय की है।

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