कोलकाता सड़क जाम मामला: कलकत्ता हाईकोर्ट ने ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी से मांगा जवाब

कलकत्ता हाईकोर्ट ने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की प्रमुख ममता बनर्जी और पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी को सड़क जाम मामले में चार हफ्ते के भीतर हलफनामा दायर करने का निर्देश दिया है। यह आदेश साल 2025 में पार्टी की ‘शहीद दिवस’ रैली के दौरान कोलकाता की मुख्य सड़कों को पूरी तरह से बंद करने के आरोपों से जुड़ी एक अवमानना याचिका पर आया है।

जस्टिस अरिजीत बनर्जी और जस्टिस अपूर्व सिन्हा राय की खंडपीठ ने टीएमसी के दोनों शीर्ष नेताओं को इस मामले में अपना रुख स्पष्ट करने के लिए चार सप्ताह का समय दिया है। नेताओं का जवाब दाखिल होने के बाद, याचिकाकर्ता को दो सप्ताह के भीतर अपनी जवाबी दलीलें पेश करनी होंगी। अदालत ने इस मामले की अगली सुनवाई 17 अगस्त तय की है।

सड़क जाम करने का आरोप

यह कानूनी कार्रवाई वकील श्रीकांत दत्ता द्वारा 19 जून को दायर एक अवमानना याचिका के बाद शुरू हुई है। याचिकाकर्ता का दावा है कि सत्तारूढ़ दल ने पिछले साल 21 जुलाई 2025 को आयोजित अपनी ‘शहीद दिवस’ रैली के दौरान अदालत के पुराने निर्देशों का सीधा उल्लंघन किया।

याचिका के अनुसार, इस रैली के कारण कोलकाता के केंद्र में स्थित एस्प्लेनेड इलाके की प्रमुख सड़कों पर आवागमन पूरी तरह ठप हो गया था। इससे पहले हाईकोर्ट ने ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी को इस अवमानना याचिका का औपचारिक नोटिस भेजने का निर्देश दिया था।

साल 2018 का दिशा-निर्देश

इस अवमानना याचिका का मुख्य आधार मई 2018 में हाईकोर्ट द्वारा जारी एक निर्देश है। तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश ज्योतिर्मय भट्टाचार्य और जस्टिस अरिजीत बनर्जी की खंडपीठ ने निर्देश दिया था कि मुख्य मार्गों पर होने वाली किसी भी सार्वजनिक सभा या रैली से यातायात पूरी तरह बाधित नहीं होना चाहिए।

READ ALSO  यूट्यूबर गौरव तनेजा उर्फ ​​​​फ्लाइंग बीस्ट गिरफ्तार- जानिए क्यों

अदालत ने उस समय स्पष्ट किया था कि आयोजकों को सड़कों पर पर्याप्त जगह छोड़नी होगी जिससे पैदल यात्रियों और एम्बुलेंस जैसी आपातकालीन सेवाओं का आवागमन बिना किसी बाधा के सुचारू रूप से चलता रहे।

Law Trend
Law Trendhttps://lawtrend.in/
Legal News Website Providing Latest Judgments of Supreme Court and High Court

Related Articles

Latest Articles