बेंगलुरु के उपभोक्ता आयोग ने फ्लाइट के समय में हुए बदलाव की जानकारी यात्रियों को नहीं देने पर एक ट्रैवल एजेंट को सेवा में कमी और अनुचित व्यापार व्यवहार का जिम्मेदार ठहराया है। इस लापरवाही के कारण चार यात्री अजरबैजान के बाकू जाने वाली अपनी फ्लाइट नहीं पकड़ सके थे। आयोग ने ट्रैवल एजेंट को शिकायतकर्ता को कुल ₹83,800 का भुगतान करने का निर्देश दिया है।
आयोग के अध्यक्ष विजयकुमार एम. पावले और सदस्य के. अनिता शिवा कुमार तथा चंद्रशेखर एस. नूला ने पाया कि एयरलाइन कंपनी ने फ्लाइट के समय में बदलाव की जानकारी ट्रैवल एजेंट को दे दी थी। इसके बावजूद एजेंट ने यात्रियों को इसकी सूचना नहीं दी, जिससे उन्हें अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ा।
₹3.42 लाख में बुक किया था हॉलिडे पैकेज
मामले के अनुसार, शिकायतकर्ता ने चार लोगों के लिए 12 फरवरी से 19 फरवरी 2025 तक बाकू घूमने का हॉलिडे पैकेज बुक कराया था। इस पैकेज की कुल कीमत ₹3.42 लाख थी।
ट्रैवल एजेंट की ओर से दिए गए यात्रा कार्यक्रम में 12 फरवरी को फ्लाइट के रवाना होने का समय दोपहर 2 बजे बताया गया था। हालांकि, बाद में एयरलाइन ने फ्लाइट का समय बदलकर सुबह 10:30 बजे कर दिया।
शिकायतकर्ता के अनुसार, जब वे अन्य यात्रियों के साथ सुबह करीब 10:30 बजे एयरपोर्ट पहुंचे, तो एयरलाइन कर्मचारियों ने बताया कि उनकी फ्लाइट पहले ही रवाना हो चुकी है।
शिकायतकर्ता का आरोप था कि ट्रैवल एजेंट ने फ्लाइट का समय बदले जाने के बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं दी थी।
अगले दिन की फ्लाइट के लिए देने पड़े ₹61,800
फ्लाइट छूट जाने के कारण चारों यात्रियों को अगले दिन यानी 13 फरवरी को सुबह 3 बजे रवाना होने वाली दूसरी फ्लाइट बुक करनी पड़ी।
शिकायतकर्ता ने बताया कि ट्रैवल एजेंट ने नई फ्लाइट की बुकिंग के लिए उनसे अतिरिक्त ₹61,800 मांगे। यह रकम चुकाने के बावजूद कई बार संपर्क करने पर भी एजेंट ने पैसे वापस नहीं किए।
इसके अलावा, अगले दिन तक बेंगलुरु में रुकने के कारण यात्रियों को होटल में ठहरने पर ₹12,000 खर्च करने पड़े।
इन अतिरिक्त खर्चों और ट्रैवल एजेंट की लापरवाही को लेकर शिकायतकर्ता ने उपभोक्ता आयोग का दरवाजा खटखटाया।
आयोग ने ट्रैवल एजेंट को सेवा में कमी का जिम्मेदार माना
मामले की सुनवाई के दौरान ट्रैवल एजेंट आयोग के सामने पेश नहीं हुआ और उसने शिकायत का कोई विरोध नहीं किया। इसके बाद आयोग ने एकतरफा कार्यवाही करते हुए उपलब्ध रिकॉर्ड और शिकायतकर्ता के साक्ष्यों पर विचार किया।
आयोग ने पाया कि एयरलाइन कंपनी ने फ्लाइट के समय में बदलाव की सूचना ट्रैवल एजेंट को पहले ही दे दी थी। इसके बावजूद एजेंट ने यह जानकारी शिकायतकर्ता तक नहीं पहुंचाई।
आयोग ने कहा कि ट्रैवल एजेंट की जिम्मेदारी थी कि वह फ्लाइट के समय में बदलाव की जानकारी शिकायतकर्ता या संबंधित पक्ष को देता। ऐसा नहीं करना सेवा में कमी और अनुचित व्यापार व्यवहार की श्रेणी में आता है।
आयोग ने माना कि ट्रैवल एजेंट की इसी गलती के कारण यात्रियों की फ्लाइट छूटी और उन्हें अगले दिन यात्रा करने के लिए अतिरिक्त पैसे खर्च करने पड़े।
शिकायतकर्ता को कुल ₹83,800 देने का निर्देश
उपभोक्ता आयोग ने ट्रैवल एजेंट को शिकायतकर्ता को ₹83,800 का भुगतान करने का आदेश दिया। इसमें नई फ्लाइट की बुकिंग के लिए खर्च किए गए ₹61,800 और बेंगलुरु में ठहरने के लिए खर्च हुए ₹12,000 शामिल हैं।
इसके अतिरिक्त आयोग ने मुकदमे के खर्च के रूप में ₹10,000 देने का भी निर्देश दिया।
आयोग ने स्पष्ट किया कि फ्लाइट के समय में बदलाव की सूचना मिलने के बावजूद यात्रियों को इसकी जानकारी नहीं देने के कारण हुए आर्थिक नुकसान के लिए ट्रैवल एजेंट जिम्मेदार है।

