2020 के दिल्ली दंगा साजिश मामले में आरोपी अथर खान ने दिल्ली की एक अदालत में जमानत याचिका दाखिल की है, जिसमें उन्होंने सुप्रीम कोर्ट द्वारा इसी मामले में पाँच सह-आरोपियों को दी गई जमानत का हवाला देते हुए समानता के आधार पर राहत मांगी है।
अथर खान, जो पहले कॉल सेंटर कर्मचारी थे, पर आरोप है कि उन्होंने उत्तर-पूर्वी दिल्ली के चांदबाग इलाके में नागरिकता संशोधन कानून (CAA) और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) के खिलाफ प्रदर्शन का आयोजन किया था और वहां भड़काऊ भाषण दिए थे। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के अनुसार, खान ने कथित तौर पर गुप्त बैठकों में हिस्सा लिया और कहा कि “अब दिल्ली को जलाने का वक्त आ गया है।” पुलिस का दावा है कि उन्होंने सीसीटीवी कैमरे हटवाने की साजिश में भी भूमिका निभाई।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश समीरा बजपाई की अदालत में दाखिल याचिका में कहा गया है कि अथर खान पर भी वही आरोप हैं जो उन पांच आरोपियों पर थे जिन्हें हाल ही में सर्वोच्च न्यायालय ने जमानत दी है, इसलिए उन्हें भी समान आधार पर जमानत मिलनी चाहिए। अदालत ने इस याचिका पर सुनवाई के लिए 19 जनवरी की तारीख तय की है।
खान उन 11 व्यक्तियों में शामिल हैं जिन्हें चांदबाग विरोध प्रदर्शन का आयोजक और वक्ता बताया गया है। अन्य आरोपियों में मोहम्मद सलीम खान, सलीम मलिक, मोहम्मद जलालुद्दीन उर्फ गुड्डू भाई, शहनवाज़, फुरकान, मोहम्मद अयूब, मोहम्मद यूनुस, तबस्सुम, मोहम्मद अयाज़ और उनके भाई खालिद शामिल हैं।
अथर खान का नाम एक अन्य एफआईआर में भी है जिसमें उन पर आरोप है कि वे उस भीड़ का हिस्सा थे जिसने दंगे के दौरान हेड कांस्टेबल रतन लाल की हत्या की थी। इसके अलावा, एक केस में उनका नाम एक शोरूम में लूटपाट करने वाली भीड़ से जुड़ा हुआ भी सामने आया है।
इससे पहले, 6 जनवरी को इसी मामले में सह-आरोपी सलीम मलिक ने भी समान आधार पर जमानत की मांग करते हुए याचिका दाखिल की थी।
गौरतलब है कि 5 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट ने गुलफिशा फातिमा, मीरान हैदर, शिफा-उर-रहमान, मोहम्मद सलीम खान और शादाब अहमद को जमानत दी थी। हालांकि, कोर्ट ने कार्यकर्ता उमर खालिद और शरजील इमाम को राहत नहीं दी। अदालत ने कहा कि सभी आरोपी एक जैसी स्थिति में नहीं हैं और खालिद तथा इमाम के खिलाफ यूएपीए के तहत प्रथमदृष्टया मामला बनता है।
इस केस में कुल 20 आरोपी नामजद हैं, जिनमें से दो अभी भी फरार हैं। शेष 18 में से 11 को पहले ही जमानत मिल चुकी है जबकि सात अभी भी जेल में हैं — इनमें उमर खालिद, शरजील इमाम, अथर खान, सलीम मलिक, पूर्व आप पार्षद ताहिर हुसैन, तसलीम अहमद और खालिद सैफी शामिल हैं। ताहिर हुसैन की जमानत याचिका कड़कड़डूमा कोर्ट में लंबित है।
यह मामला फरवरी 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए सांप्रदायिक दंगों से जुड़ा है, जिसमें 50 से अधिक लोगों की मौत हो गई थी और सैकड़ों घायल हुए थे। दिल्ली पुलिस का आरोप है कि दंगे एक पूर्वनियोजित साजिश का हिस्सा थे, जिसका उद्देश्य अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति की भारत यात्रा के दौरान राजधानी में कानून-व्यवस्था को बाधित करना था।

