क्या आप जानते है इलाहाबाद हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के रूप में सबसे छोटा और सबसे लंबा कार्यकाल किसका था?

शुक्रवार को पूर्व, न्यायमूर्ति संजय यादव, इलाहाबाद उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के पद से 15 दिनों के छोटे से कार्यकाल के बाद सेवा निवृत्त हुए।

हालाँकि इलाहाबाद हाई कोर्ट के इतिहास में न्यायमूर्ति द्वारका नाथ झा थे, जिनका इलाहाबाद उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के रूप में सबसे कम कार्यकाल था, जोकि 1987 में केवल एक दिन के लिए था।

8 जनवरी को, न्यायमूर्ति यादव को मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय से इलाहाबाद उच्च न्यायालय में स्थानांतरित कर दिया गया था, और न्यायमूर्ति गोविन्द माथुर की सेवानिवृत्ति के उपरान्त 14 अप्रैल तक जस्टिस यादव इलाहाबाद हाई कोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश के रूप में रहे। 

20 मई को, CJI एनवी रमना के नेतृत्व में कॉलेजियम ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय के CJ के रूप में उनकी नियुक्ति की सिफारिश की। सरकार ने सिफारिश को स्वीकार कर लिया और 10 जून को नियुक्ति को अधिसूचित कर दिया, जिसके बाद उनके पास 15 दिन का कार्यकाल था।

न्यायमूर्ति यादव की सेवानिवृत्ति के बाद, इलाहाबाद उच्च न्यायालय, जिसमें 160 न्यायाधीशों की स्वीकृत शक्ति है, केवल 95 न्यायाधीशों के साथ कार्य करेगा। न्यायमूर्ति मुनीश्वर नाथ भंडारी को उच्च न्यायालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश के रूप में नियुक्त किया गया है। न्यायमूर्ति यादव ने न्यायमूर्ति गोविंद माथुर का स्थान लिया था, जिन्होंने 21 नवंबर, 2017 से 13 अप्रैल, 2021मुख्य न्यायाधीश के रूप में कार्य किया था।

31 अक्टूबर, 2013 से 12 मई, 2016 तक न्यायमूर्ति डीवाई चंद्रचूड़ इलाहाबाद उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश थे। 1947 से 1955 तक, न्यायमूर्ति बिधु भूषण मलिक इलाहाबाद उच्च न्यायालय के सबसे लंबे समय तक मुख्य न्यायाधीश रहने वाले जज है ।

सुप्रीम कोर्ट में, न्यायमूर्ति कमल नारायण सिंह ने 25 नवंबर से 12 दिसंबर, 1991 तक सबसे कम समय के लिए मुख्य न्यायाधीश के रूप में कार्य किया। 

न्यायमूर्ति वाई वी चंद्रचूड़ ने 22 फरवरी 1978 से 11 जुलाई 1985 तक  सबसे लंबे समय के लिए भारत के मुख्य न्यायाधीश का पद संभाला, जो भारतीय कानूनी इतिहास में एक अटूट रिकॉर्ड के रूप में दर्ज है। 

उनके बेटे, न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ भी अगले साल नवंबर में मुख्य न्यायधीश बनेंगे, वो भी एक ऐतिहासक पल होगा जब पहली बार सर्वोच्च न्यायिक पद को एक पिता-पुत्र दोनों ने संभाला हो।

अतः जस्टिस न्यायमूर्ति द्वारका नाथ झा का इलाहाबाद हाई कोर्ट के CJ के रूप में सबसे छोटा कार्यकाल था और जस्टिस बिधु भूषण मलिक का इलाहाबाद हाई कोर्ट के CJ के रूप में सबसे लंबा कार्यकाल था।

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