नोएडा के गैंगस्टर की रिहाई का मामला: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बांदा के निलंबित जेल अधीक्षक की गिरफ्तारी पर लगाई रोक

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बांदा जेल के निलंबित अधीक्षक अनिल कुमार गौतम को बड़ी राहत देते हुए उनकी गिरफ्तारी पर अंतरिम रोक लगा दी है। गौतम पर आरोप है कि उन्होंने बिना किसी अदालत के आदेश के नोएडा के एक कुख्यात गैंगस्टर को जेल से रिहा कर दिया था। इस प्रक्रियात्मक चूक के बाद उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर (FIR) को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने यह हस्तक्षेप किया है।

न्यायमूर्ति राजीव मिश्रा और न्यायमूर्ति सत्या वीर सिंह की खंडपीठ ने गौतम की याचिका पर सुनवाई की। याचिकाकर्ता ने बांदा जिले के कोतवाली नगर थाने में दर्ज केस क्राइम नंबर 64/2026 को रद्द करने और गिरफ्तारी से सुरक्षा की मांग करते हुए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।

1 अप्रैल को पारित अपने आदेश में बेंच ने कहा: “मामले के तथ्यों और परिस्थितियों को देखते हुए, यह निर्देशित किया जाता है कि इस अदालत के अगले आदेश तक याचिकाकर्ता को गिरफ्तार नहीं किया जाएगा।”

कोर्ट ने स्पष्ट किया कि पुलिस इस मामले में अपनी जांच जारी रख सकती है, लेकिन जांच अधिकारी को निर्देश दिया कि याचिका के लंबित रहने के दौरान मजिस्ट्रेट के सामने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 193(3) के तहत कोई पुलिस रिपोर्ट (चार्जशीट) दाखिल न की जाए।

विवाद की शुरुआत 2 फरवरी, 2026 को दर्ज हुई एक एफआईआर से हुई, जिसे जेल चौकी प्रभारी अनुराग पांडे ने दर्ज कराया था। शिकायत के अनुसार, नोएडा के गैंगस्टर रविंद्र सिंह उर्फ रवि काना को अगस्त 2024 से बांदा जेल में रखा गया था। आरोप है कि उसे बिना किसी वैध अदालती आदेश के रिहा कर दिया गया।

अभियोजन पक्ष का कहना है कि 29 जनवरी, 2026 को रवि काना को बी-वारंट पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट में पेश किया गया था। विवाद तब शुरू हुआ जब जेल प्रशासन ने कथित तौर पर कस्टडी वारंट मिलने से पहले ही उसे जेल से बाहर जाने की अनुमति दे दी। इस घटना के बाद जेल अधीक्षक अनिल कुमार गौतम को निलंबित कर दिया गया और उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 260(C) के तहत मामला दर्ज किया गया।

हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार सहित सभी प्रतिवादियों को नोटिस जारी कर अपना जवाब दाखिल करने को कहा है। सरकार को हलफनामा पेश करने के लिए छह सप्ताह का समय दिया गया है।

READ ALSO  मद्रास हाईकोर्ट में विमान हादसों की मीडिया रिपोर्टिंग के लिए दिशानिर्देश बनाने की मांग

इस मामले की अगली सुनवाई अब 27 मई, 2026 को होगी।

Law Trend
Law Trendhttps://lawtrend.in/
Legal News Website Providing Latest Judgments of Supreme Court and High Court

Related Articles

Latest Articles