इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा,सीएम योगी ने यूपी को जंगलराज में तब्दील किया ऐसा ट्वीट करना कोई अपराध नही

उत्तरप्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ पर कुर्सी पर काबिज होते ही आलोचकों पर दबाव बनाए जाने के आरोप लगते रहे हैं। लेकिन इस बार इलाहाबाद हाईकोर्ट ने योगी सरकार की आलोचना से जुड़े मामले में आरोपी को राहत देते हुए महत्वपूर्ण निर्णय दिया है।

मामला-

यशवंत सिंह नाम के व्यक्ति पर आरोप था कि कुछ दिन पहले उसने ट्वीट कर कहा था कि यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य को ऐसे जंगलराज में बदल दिया है। जहाँ कोई कानून व्यवस्था नही है। ट्वीट के बाद पुलिस ने युवक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली थी। 

कोर्ट का निर्णय–

कोर्ट ने इस मामले को संज्ञान में लेते हुए कहा कि कानून के हालात पर मतभेद प्रकट करना भारत जैसे संवैधानिक लोकतंत्र की पहचान है। जस्टिस पंकज नकवी और जस्टिस विवेक अग्रवाल ने युवक पर दर्ज एफआईआर को खारिज करते हुए कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता हमारे संविधान के आर्टिकल 19 के तहत सुरक्षित है। 

सूत्रों के मुताबिक कानपुर देहात के भोगनीपुर में ट्वीट करने वाले युवक के खिलाफ पुलिस आईटी एक्ट सेक्शन के 66D (कंप्यूटर का प्रयोग कर धोखाधड़ी) और आइपीसी की धारा 500 (मानहानि) के तहत केस दर्ज किया था। पुलिस ने इसमे युवक पर यह आरोप भी लगाया था कि यशवंत ने अपने ट्वीट में किडनेपिंग ,हत्या और फिरौती से जुड़ी घटनाओं का जिक्र किया था।

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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने इस प्रकरण पर फैसला सुनाते हुए कहा कि आरोपी के खिलाफ दर्ज धाराओं के तहत अपराध का कोई मामला नही बनता है इसलिये इस केस को रदद किया जाता है। यशवंत के पक्षकार वकील ने कोर्ट में कहा कि राज्य के मामलों में टिप्पणी करना किसी भी व्यक्ति के संवैधानिक अधिकारों का हिस्सा है। मात्र मतभेद अपराध तो नही हो सकता। दुर्भावना के चलते एफआईआर दर्ज की गई है। ताकि याचिकाकर्ता को राज्य सरकार के खिलाफ मतभेद की अभिव्यक्ति जाहिर करने से रोका जा सके।

Case Details

Criminal Misc WP NO. 13058 of 2020

Date of Order- 23.11.2020

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