एटा में वकील के साथ पुलिस की गुंडागर्दी पर बार काउन्सिल आफ इंडिया ने मुख्य न्यायधीश से लगायी गुहार

उत्तरप्रदेश-एटा जनपद में बीते दिनों वकील के साथ हुई मारपीट की निंदनीय घटना को गंभीरता से लेते हुए बार कॉउन्सिल ऑफ इंडिया ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस और इलाहाबाद हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को आरोपी पुलिस वालों के खिलाफ तत्काल कदम उठाने का आग्रह किया है।

 इस विज्ञप्ति में पुलिस वालों का पता लगाने और राज्य सरकार को उन्हें ससपेंड करने,ट्रांसफर करने, और उनकी सेवा समाप्त करने के निर्देश जारी करने का आदेश देने का अनुरोध किया है। 

आपको बता दें कि बीते दिनों एटा जनपद में पुलिस वालों ने एक घर का दरवाजा तोड़कर अन्दर से वकील को पीटते हुए घर के बाहर लेकर आए थे जिस्का वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ था। जिससे वकीलों में आक्रोश है। 

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प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि “उत्तर प्रदेश पुलिस के ऐसे अत्याचारों की कोई सीमा नही है और इसने सभी हदे पार कर दी है। पश्चिम बंगाल, बिहार और लगभग सभी राज्यों में इस तरह की घटनाओं को देखा गया है।

पुलिस की ऐसी कार्यवाई किसी भी कुख्यात अपराधी द्वारा किये गए अपराध से भी बदतर है।”

बार कॉउन्सिल ऑफ इंडिया ने विज्ञप्ति में कहा है कि यूपी पुलिस का कृत्य चौकाने वाला है। “कानून और व्यवस्था के संरक्षकों से ऐसी उम्मीद नही की जा सकती है। पुलिस की क्रूरता स्पष्ट रूप से दिखाती है कि वह किसी योजना के साथ कार्य कर रहे थे। उनका उद्देश्य कुछ और था।”

बीसीआई ने सीजेआई और इलाहाबाद हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस से आरोपी पुलिस वालों पर कार्यवाई करने का अनुरोध किया है और साथ ही कहा है कि उनके अनुरोध पर राज्यसरकार ने विचार नही किया है। 

आगे प्रेस विज्ञप्ति में लिखा है कि हम इस तरह के अत्याचारो को और सहन नही कर सकते हैं यदि न्यायपालिका और सरकार, अधिवक्ता या आम नागरिकों पर भी इस तरह के अत्याचारों को अनदेखा करती रही तो बार एसोसिएशन के पास सड़को पर उतरने के अलावा कोई रास्ता नही होगा।

इसमे आगे उल्लेख है कि बार कॉउन्सिल ने केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह को लेटर लिख इस प्रकरण में उचित कार्यवाही करने और देश के वकीलों को सुरक्षा मुहैया कराने के लिए तत्काल उपयुक्त कानून बनाने का भी संकल्प लिया है।

साथ ही साथ लखनऊ हाईकोर्ट के वकील अभिषेक यादव ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के मुख्य न्यायधीश से ईमेल के माध्यम से इस मामले का संज्ञान लेने की अर्ज़ी दी गयी है।

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