अधिवक्ता परिषद अवध प्रांत द्वारा जनप्रतिनिधित्व अधिनियम पर एक दिवसीय कार्यशाला 

आज दिनांक 21.4.2024,   दिन रविवार को अधिवक्ता परिषद अवध प्रांत, द्वारा जनप्रतिनिधित्व अधिनियम 1951,  पर अति महत्वपूर्ण एक दिवसीय कार्यशाला लखनऊ कैंट स्थित “आर्म्ड फोर्स ट्रिब्यूनल” (ए एफ टी) के  ’फील्ड मार्शल मानेक शा सभागार’  में आयोजित किया गया जिसमें अधिवक्ता परिषद अवध प्रांत की सभी 17 इकाइयों के अपेक्षित कार्यकर्ताओं का प्रतिनिधित्व हुआ।

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 कार्यशाला के प्रथम सत्र की शुरुआत भारत माता के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन कर,  वंदे मातरम गायन के पश्चात तुलसी पौधा अतिथियों को देकर स्वागत किया गया।

 प्रथम सत्र में मुख्य वक्ता के रूप में ’पूर्व राज्य चुनाव आयुक्त राजेंद्र भौनवाल’ जी ने बारीकियों से जन प्रतिनिधित्व कानून पर अपने अनुभव साझा किया ।

विशिष्ट अतिथि के रूप में ओजस्वी वक्ता ’ डा शैलेंद्र शर्मा अटल’ अधिवक्ता उच्च न्यायालय, ने चुनावी प्रक्रिया व नामांकन पर विस्तार से इस अधिनियम के व्यावहारिक पक्ष को समझाया ।

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समापन सत्र की अध्यक्षता कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता श्री ओ पी श्रीवास्तव अध्यक्ष अवध प्रांत ने चुनाव याचिका से संबंधित विषय को गंभीरता से रखा।

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विशिष्ट अतिथि वरिष्ठ अधिवक्ता असित चतुर्वेदी जी ने लोक प्रतिनिधित्व कानून के महत्व को रेखांकित किया।

विषय प्रवेश व संचालन अवध प्रांत महामंत्री मीनाक्षी परिहार सिंह ने गंभीरता से दोनों सत्रों में विषय का समावेशन कराया एवं संगठन के कार्यकर्ताओं का नामांकन एवं चुनावी प्रक्रिया के विधिक पक्ष पर भूमिका बढ़ाने पर जोर दिया।

धन्यवाद ज्ञापन प्रांत उपाध्यक्ष अनिल दुबे व  अनिल पांडे जी ने किया।

 पूर्व संयोजक अधिवक्ता परिषद अवध प्रांत अमरनाथ मिश्रा जी कार्यशाला में विशिष्ट रूप से उपस्थित हुए।

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 प्रांत कोषाध्यक्ष पी सी राय,  उपाध्यक्ष अरविंद सिंह, प्रांत मंत्री रंजीता वाल्मीकि, सिद्धार्थ शंकर दुबे, अमर बहादुर सिंह, एवं प्रांत कार्यकारिणी सदस्य डा पूजा सिंह,अजय त्रिपाठी ने विशेष रूप से अपनी भागीदारी एवं मार्गदर्शन से कार्यशाला को सफल बनाया।

 मुख्य स्थाई अधिवक्ता अजय कुमार पांडे , अमित राय, अशोक यादव , पायल सिंह, वैभव पांडे, अविनाश कुमार, अश्वनी सिंह , अंकुर तिवारी व अन्य अधिवक्ता साथियों ने बढ़-चढ़कर कार्यशाला को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

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