हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने गुरुवार को फैसला सुनाया कि यदि पिता के पितृत्व के संबंध में पर्याप्त सबूत हैं, तो पिता का डीएनए परीक्षण कराने की कोई आवश्यकता नहीं है। न्यायमूर्ति सत्येन वैद्य की पीठ प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय द्वारा पारित आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें याचिकाकर्ता को
