कलकत्ता उच्च न्यायालय ने बुधवार को फैसला सुनाया कि रजिस्ट्रार अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू करने के लिए अधिकृत नहीं हैं और उनके पास सहायक प्रोफेसरों को निलंबित करने का अधिकार नहीं है। विश्व भारती विश्वविद्यालय से जुड़े मामले की सुनवाई करते हुए, न्यायमूर्ति मौसमी भट्टाचार्य की एकल-न्यायाधीश पीठ ने एक कारण बताओ नोटिस और एक सहायक
