दिल्ली हाईकोर्ट ने वकीलों को कथित तौर पर धमकी देने के मामले में निलंबित दिल्ली पुलिस के सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) मनस्वी वशिष्ठ और अन्य पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग वाली याचिका पर 6 नवंबर को सुनवाई करने का फैसला किया है।
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश नितिन वासुदेव सांबरे और न्यायमूर्ति संजय शर्मा की खंडपीठ ने बुधवार को वकीलों की ओर से मामले की तत्काल सुनवाई का अनुरोध स्वीकार करते हुए इसे शुक्रवार के लिए सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया।
इससे पहले वकीलों के एक समूह ने हाईकोर्ट से मामले में स्वतः संज्ञान लेने का अनुरोध किया था। हालांकि, खंडपीठ ने स्वतः कार्यवाही शुरू करने से इनकार करते हुए वकीलों को उपलब्ध साक्ष्यों के साथ औपचारिक याचिका दाखिल करने को कहा।
मंगलवार को वकीलों ने अदालत को बताया था कि अधिवक्ताओं के खिलाफ ‘AK-47 के इस्तेमाल’ और ‘काले कोट के गुंडे’ जैसी टिप्पणियां की गई थीं।
पुलिस अधिकारियों के तबादले के विरोध में प्रदर्शन
यह विवाद सोमवार को उस समय फिर सामने आया, जब मनस्वी वशिष्ठ और दिल्ली पुलिस के कुछ अन्य कर्मचारियों ने पुलिस मुख्यालय के बाहर अधिकारियों के तबादले के विरोध में प्रदर्शन किया।
प्रदर्शन के दौरान वकीलों को लेकर कुछ टिप्पणियां भी की गईं। इसके बाद अधिवक्ताओं ने हाईकोर्ट का रुख किया।
इस घटनाक्रम के बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय ने मनस्वी वशिष्ठ को निलंबित कर दिया।
शाहदरा थाने की घटना से शुरू हुआ विवाद
मामले की शुरुआत 23 अक्टूबर को शाहदरा पुलिस स्टेशन में हुई एक घटना से हुई थी। आरोप है कि थाने में हुई झड़प के दौरान अधिवक्ता ललित बंसल के सिर में गंभीर चोट आई थी।
इस घटना के बाद वकीलों और पुलिसकर्मियों के बीच टकराव हुआ। संबंधित पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर जिला अदालतों के वकीलों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी थी।
वकीलों के विरोध के बीच दिल्ली पुलिस ने 28 अक्टूबर को दो अधिकारियों का तबादला कर दिया।
गांधी नगर में सब-डिविजनल पुलिस अधिकारी के पद पर तैनात मनस्वी वशिष्ठ को विशेष पुलिस इकाई महिला एवं बाल (SPUWAC) में भेज दिया गया। वहीं, शाहदरा थाने के तत्कालीन प्रभारी इंस्पेक्टर अरुण कुमार का तबादला सिक्योरिटी यूनिट में किया गया।
इन तबादलों के बाद वकीलों ने अपनी हड़ताल समाप्त कर दी थी।
हालांकि, सोमवार को पुलिसकर्मियों के प्रदर्शन और वकीलों के खिलाफ कथित टिप्पणियों के बाद विवाद फिर बढ़ गया। अब दिल्ली हाईकोर्ट इस मामले में वकीलों की याचिका पर 6 नवंबर को सुनवाई करेगा।
