ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की है। बुधवार को सुप्रीम कोर्ट ने उनकी याचिका पर इस मुद्दे से जुड़ी पहले से लंबित अन्य याचिकाओं के साथ सुनवाई करने पर सहमति जताई।
ओवैसी की ओर से पेश एडवोकेट निजामुद्दीन पाशा ने चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की बेंच के सामने मामले का उल्लेख किया। उन्होंने अनुरोध किया कि ओवैसी की याचिका को गुरुवार को सुनवाई के लिए निर्धारित इसी तरह के अन्य मामलों के साथ सूचीबद्ध किया जाए।
पाशा ने बेंच को बताया कि ओवैसी ने विशेष रूप से SIR की प्रक्रिया को जिस तरीके से संचालित किया जा रहा है, उस पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने यह भी बताया कि याचिका को सूचीबद्ध करने के अनुरोध के साथ दिए गए मेमो में संबंधित लंबित मामलों का विवरण शामिल है।
इस पर चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच ने कहा कि वह अनुरोध और उससे जुड़ी अन्य याचिकाओं के विवरण पर विचार करेगी।
SIR को लेकर सुप्रीम कोर्ट में कई याचिकाएं लंबित
ओवैसी की याचिका ऐसे समय दाखिल हुई है, जब मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया को लेकर सुप्रीम कोर्ट में कई मामले पहले से लंबित हैं। इन याचिकाओं में खास तौर पर पुनरीक्षण के दौरान मतदाताओं के नाम सूची से हटाए जाने के आरोपों को लेकर सवाल उठाए गए हैं।
इससे पहले कांग्रेस नेता राहुल गांधी और विपक्ष के 10 अन्य प्रमुख नेताओं ने भी सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। उन्होंने SIR प्रक्रिया और उससे जुड़ी अन्य चुनावी प्रक्रियाओं में कथित अनियमितताओं को चुनौती दी है।
अब ओवैसी की याचिका भी इसी मुद्दे पर चल रही कानूनी कार्यवाही का हिस्सा बन गई है। सुप्रीम कोर्ट गुरुवार को मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया से संबंधित लंबित मामलों पर सुनवाई करेगा।

