जौनपुर: इलाहाबाद हाईकोर्ट से जमानत अर्जी खारिज होने के बाद वकील को कथित तौर पर अगवा कर बंधक बनाने और पांच लाख रुपये मांगने का मामला सामने आया है। उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले में हुई इस घटना में आरोपियों ने न केवल वकील और उनके साथी के साथ मारपीट की, बल्कि उन्हें छुड़ाने पहुंचे प्रयागराज के दो वरिष्ठ वकीलों को भी बंधक बना लिया। पुलिस ने चारों लोगों को सुरक्षित छुड़ा लिया है और पीड़ित वकील की शिकायत पर 10 नामजद तथा 12 अज्ञात लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है।
यह मामला जौनपुर के मुंगराबादशाहपुर थाना क्षेत्र का है। पीड़ित अधिवक्ता अजय मिश्रा प्रयागराज जिला एवं सत्र न्यायालय में वकालत करते हैं। वह प्रयागराज के थरवई थाना क्षेत्र के कुरसंड गांव के रहने वाले हैं।
जमानत के लिए दी थी डेढ़ लाख रुपये फीस
मामले की शुरुआत एक आपराधिक मुकदमे में जमानत कराने को लेकर हुई थी। जौनपुर के हैदरेपुर गांव से जुड़े कुछ लोगों ने अपने मुकदमे में इलाहाबाद हाईकोर्ट से जमानत दिलाने के लिए अधिवक्ता अजय मिश्रा से संपर्क किया था।
इसके लिए वकील को डेढ़ लाख रुपये फीस दी गई थी। अजय मिश्रा ने हाईकोर्ट में जमानत अर्जी दाखिल की, लेकिन अदालत ने उसे खारिज कर दिया। इसके बाद फीस को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद पैदा हो गया।
आरोप है कि जमानत नहीं मिलने से नाराज लोगों ने वकील को सबक सिखाने की योजना बनाई और बातचीत के बहाने उन्हें जौनपुर बुलाया।
दो कारों में आए लोगों ने वकील और उनके साथी को उठाया
शिकायत के अनुसार, 6 अक्टूबर 2026 की शाम करीब साढ़े सात बजे अजय मिश्रा अपने एक साथी के साथ प्रयागराज से जौनपुर पहुंचे थे।
मुंगराबादशाहपुर क्षेत्र में पुरऊपुर नगर पुलिया के पास पहले से दो कारों में मौजूद लोगों ने उन्हें रोक लिया। आरोप है कि चाकू दिखाकर दोनों को जबरन कार में बैठाया गया और दूसरी जगह ले जाकर बंधक बना लिया गया।
वहां उनके साथ मारपीट की गई और जान से मारने की धमकी देते हुए पांच लाख रुपये की मांग की गई। शिकायत के मुताबिक, उन्हें देर रात तक बंधक बनाकर रखा गया।
मदद करने पहुंचे वरिष्ठ वकीलों से भी एक लाख रुपये छीनने का आरोप
बंधक बनाए जाने के दौरान अजय मिश्रा ने प्रयागराज में अपने परिचित वरिष्ठ वकीलों से संपर्क किया और उन्हें घटना की जानकारी दी।
इसके बाद प्रयागराज से दो वरिष्ठ अधिवक्ता एक लाख रुपये नकद लेकर जौनपुर पहुंचे, ताकि मामले को सुलझाकर अजय मिश्रा और उनके साथी को छुड़ाया जा सके।
हालांकि, आरोपियों ने कथित तौर पर उनसे एक लाख रुपये छीन लिए और दोनों वरिष्ठ अधिवक्ताओं को भी बंधक बना लिया।
इस तरह कुल चार लोग आरोपियों के कब्जे में आ गए। आरोप है कि इसके बाद भी उन्हें छोड़ने के लिए पांच लाख रुपये और देने का दबाव बनाया गया।
पैसे मंगाने के बहाने पुलिस तक पहुंचाई सूचना
बंधक बने वकीलों ने प्रयागराज से और रुपये मंगवाने की बात कहकर फोन इस्तेमाल करने की अनुमति मांगी। इसी दौरान उन्होंने पुलिस को अपनी स्थिति की जानकारी दे दी।
सूचना मिलने पर मुंगराबादशाहपुर पुलिस सक्रिय हुई। पुलिस टीम ने मोबाइल लोकेशन के आधार पर संबंधित स्थान का पता लगाया और कार्रवाई करते हुए चारों लोगों को सुरक्षित मुक्त करा लिया।
10 नामजद और 12 अज्ञात लोगों के खिलाफ FIR
मुंगराबादशाहपुर के प्रभारी निरीक्षक गजानंद चौबे के अनुसार, पीड़ित अधिवक्ता की तहरीर पर कुल 22 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। इनमें 10 नामजद और 12 अज्ञात आरोपी शामिल हैं।
FIR में कमल मिश्रा, राजेश तिवारी, राहुल यादव और शशि चौबे समेत अन्य लोगों को नामजद किया गया है।
पुलिस के अनुसार, घटना के बाद आरोपी फरार हो गए। जांच में कुछ आरोपियों का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड होने और अंतरराज्यीय आपराधिक गतिविधियों से जुड़े होने की जानकारी भी सामने आई है।
पुलिस की कई टीमें आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। मामले की जांच जारी है।

