सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को पश्चिम बंगाल विधानसभा स्पीकर से 10 बागी तृणमूल कांग्रेस विधायकों के खिलाफ लंबित अयोग्यता याचिका पर पहले से तय तीन महीने की समयसीमा के भीतर फैसला करने की उम्मीद जताते हुए संबंधित याचिका का निस्तारण कर दिया।
चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच ने कहा कि इस मामले में तीन महीने की अवधि 10 अक्टूबर को समाप्त हो रही है।
यह याचिका TMC गुट के विधायक सोहंदेब चट्टोपाध्याय ने दायर की थी। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट से विधानसभा स्पीकर को अयोग्यता याचिका पर जल्द फैसला करने का निर्देश देने की मांग की थी।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि उसे यह मानने का पूरा कारण है कि स्पीकर कोर्ट के पहले के फैसले से पूरी तरह अवगत हैं और तय समयसीमा के भीतर उचित निर्णय लेने का प्रयास करेंगे।
10 विधायकों के खिलाफ अयोग्यता की मांग
चट्टोपाध्याय ने इससे पहले स्पीकर रथिन बोस के समक्ष 10 विधायकों की अयोग्यता की मांग करते हुए याचिका दायर की थी। उनका आरोप था कि इन विधायकों ने पार्टी के हितों के खिलाफ काम किया।
सुप्रीम कोर्ट ने मामले में कोई नई समयसीमा तय नहीं की और पहले से निर्धारित तीन महीने की अवधि को ध्यान में रखते हुए याचिका का निस्तारण कर दिया।

