दिल्ली हाईकोर्ट ने कथित बैंक ऋण धोखाधड़ी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में अनिल धीरूभाई अंबानी ग्रुप (ADAG) के पूर्व वरिष्ठ अधिकारी अमिताभ झुनझुनवाला को मेडिकल आधार पर जमानत दे दी है।
जस्टिस मधु जैन ने कहा कि 70 वर्षीय आरोपी की स्वास्थ्य स्थिति ऐसी है जिसमें नियमित और व्यवस्थित चिकित्सा देखभाल की जरूरत है। कोर्ट ने माना कि वह प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत बीमार या अशक्त व्यक्ति को जमानत देने के लिए उपलब्ध वैधानिक अपवाद का लाभ पाने के हकदार हैं।
स्वास्थ्य संबंधी कई स्थितियों पर कोर्ट ने किया गौर
हाईकोर्ट ने रिकॉर्ड पर मौजूद चिकित्सा सामग्री पर विचार करते हुए कहा कि झुनझुनवाला की उम्र अधिक है और वह रीढ़ की गंभीर समस्या, ऑस्टियोपोरोसिस तथा पहले से मौजूद हृदय संबंधी बीमारी से जूझ रहे हैं। इसके साथ ही उन्हें निगरानी में पुनर्वास और लगातार इलाज की जरूरत है।
प्रवर्तन निदेशालय ने झुनझुनवाला को 15 अप्रैल को गिरफ्तार किया था। इसके बाद उन्होंने मेडिकल आधार पर नियमित जमानत की मांग करते हुए हाईकोर्ट का रुख किया।
ED ने जमानत का किया विरोध
प्रवर्तन निदेशालय ने जमानत याचिका का विरोध करते हुए कहा कि झुनझुनवाला PMLA के तहत बीमार या अशक्त व्यक्ति माने जाने की आवश्यक कानूनी कसौटी पूरी नहीं करते।
एजेंसी की ओर से यह भी कहा गया कि उनकी स्वास्थ्य स्थिति की लगातार निगरानी हो रही है और सरकारी अस्पतालों द्वारा सुझाई गई जांच तथा इलाज हिरासत के दौरान उपलब्ध चिकित्सा व्यवस्था के माध्यम से कराया जा सकता है।
हालांकि, हाईकोर्ट ने उनकी उम्र, स्वास्थ्य संबंधी स्थितियों और लगातार चिकित्सा देखभाल की जरूरत को देखते हुए उन्हें जमानत देने का फैसला किया।

