हायर ज्यूडिशियरी में रिक्त पदों को भरने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने 10 सितंबर, 2026 को हुई अपनी बैठक में चार हाईकोर्ट में जज के रूप में 15 न्यायिक अधिकारियों की नियुक्ति की सिफारिश की है।
कॉलेजियम की ये सिफारिशें दिल्ली, जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख, कर्नाटक और झारखंड हाईकोर्ट के लिए हैं। इनमें सबसे अधिक आठ नाम दिल्ली हाईकोर्ट के लिए प्रस्तावित किए गए हैं।
सिफारिशों से जुड़ी अहम बातें
नियुक्ति की संवैधानिक प्रक्रिया: मेमोरेंडम ऑफ प्रोसीजर के तहत कॉलेजियम नामों पर विचार और उन्हें मंजूरी देने के बाद अपनी सिफारिश केंद्रीय कानून एवं न्याय मंत्रालय को भेजता है। इसके बाद केंद्र सरकार संबंधित प्रक्रिया पूरी करती है और नामों को औपचारिक मंजूरी तथा नियुक्ति वारंट के लिए भारत के राष्ट्रपति के समक्ष भेजा जाता है।
दिल्ली हाईकोर्ट के लिए आठ नाम: कॉलेजियम ने दिल्ली हाईकोर्ट में जज के रूप में नियुक्ति के लिए आठ न्यायिक अधिकारियों की सिफारिश की है। इनमें गुरविंदर पाल सिंह, निवेदिता अनिल शर्मा, निशा सहाय सक्सेना, संजय शर्मा-I, भारत पाराशर, डॉ. अदिति चौधरी, दिनेश भट्ट और अरुण भारद्वाज शामिल हैं।
सभी 15 नाम न्यायिक सेवा से: चारों हाईकोर्ट के लिए सिफारिश किए गए सभी 15 नाम न्यायिक अधिकारियों के हैं।
हाईकोर्ट के अनुसार सिफारिशें: दिल्ली हाईकोर्ट के लिए आठ, कर्नाटक हाईकोर्ट के लिए तीन, झारखंड हाईकोर्ट के लिए तीन और जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख हाईकोर्ट के लिए एक न्यायिक अधिकारी की सिफारिश की गई है।
दिल्ली हाईकोर्ट
सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने दिल्ली हाईकोर्ट में जज के रूप में नियुक्ति के लिए आठ न्यायिक अधिकारियों के नामों की सिफारिश की है:
- गुरविंदर पाल सिंह
- निवेदिता अनिल शर्मा
- निशा सहाय सक्सेना
- संजय शर्मा-I
- भारत पाराशर
- डॉ. अदिति चौधरी
- दिनेश भट्ट
- अरुण भारद्वाज
जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख हाईकोर्ट
कॉलेजियम ने न्यायिक अधिकारी यश पाल बॉर्नी को जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख हाईकोर्ट का जज नियुक्त करने की सिफारिश की है।
कर्नाटक हाईकोर्ट
कर्नाटक हाईकोर्ट में जज के रूप में नियुक्ति के लिए तीन न्यायिक अधिकारियों के नामों की सिफारिश की गई है:
- उषारानी
- के.एस. भरत कुमार
- नेराले वीरभद्रैया भवानी
झारखंड हाईकोर्ट
झारखंड हाईकोर्ट में जज के रूप में नियुक्ति के लिए कॉलेजियम ने तीन न्यायिक अधिकारियों के नामों की सिफारिश की है:
- मनोज प्रसाद
- अखिल कुमार
- राम शर्मा
इन सिफारिशों को आगे की नियुक्ति प्रक्रिया के लिए केंद्रीय कानून एवं न्याय मंत्रालय को भेजा जाएगा। केंद्र सरकार और राष्ट्रपति की औपचारिक मंजूरी के बाद नियुक्तियों की अधिसूचना जारी की जाएगी।

