राजस्थान हाईकोर्ट के कार्यवाहक चीफ जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा ने वकीलों के जारी विरोध के बीच खुद को नियमित न्यायिक सुनवाई से अलग रखने का फैसला किया है। उनके द्वारा तय किए गए नए रोस्टर में 1 सितंबर से 5 सितंबर तक उन्हें किसी भी बेंच में शामिल नहीं किया गया है।
नए रोस्टर के मुताबिक, इस अवधि के दौरान जस्टिस शर्मा को कोई नियमित न्यायिक कार्य भी नहीं सौंपा गया है। जिन मामलों की सुनवाई पहले कार्यवाहक चीफ जस्टिस की बेंच को करनी थी, उन्हें अब अन्य बेंचों को सौंप दिया गया है।
यह बदलाव ऐसे समय हुआ है जब वकील जस्टिस शर्मा से कार्यवाहक चीफ जस्टिस का प्रभार वापस लेने और राजस्थान हाईकोर्ट में स्थायी चीफ जस्टिस की नियुक्ति की मांग को लेकर विरोध कर रहे हैं।
6 सितंबर तक पूरी तरह हड़ताल का ऐलान
राजस्थान हाईकोर्ट लॉयर्स एसोसिएशन ने सोमवार को हुई आपातकालीन आम सभा की बैठक के बाद 6 सितंबर तक पूरी तरह हड़ताल पर रहने का फैसला किया।
एसोसिएशन ने इस मामले में भारत के चीफ जस्टिस सूर्यकांत और राष्ट्रपति को प्रतिवेदन भेजने का भी निर्णय लिया है।
राजस्थान हाईकोर्ट की जयपुर और जोधपुर दोनों बेंचों के वकील जस्टिस शर्मा के खिलाफ विरोध कर रहे हैं। जयपुर परिसर में प्रदर्शन कर रहे वकीलों को हटाने के लिए पुलिस को भी बुलाया गया था।
विरोध प्रदर्शन के दौरान वकीलों ने जस्टिस शर्मा के खिलाफ नारे लगाए। इनमें एक नारे में उन पर चोर होने का आरोप भी लगाया गया।

