अयोध्या राम मंदिर दान घोटाला मामला: सुप्रीम कोर्ट सुनवाई टालने की याचिका पर विचार करने को सहमत

अयोध्या स्थित राम मंदिर में दान की गई राशि में कथित हेराफेरी की अदालत की निगरानी में एसआईटी जांच कराने की मांग वाली याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को सुनवाई स्थगित करने के उत्तर प्रदेश सरकार के अनुरोध पर विचार करने की सहमति व्यक्त की।

चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ को राज्य सरकार की ओर से उपस्थित वकील ने अवगत कराया कि उत्तर प्रदेश सरकार का प्रतिनिधित्व कर रहे सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता इस समय संयुक्त राष्ट्र के एक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए एक सरकारी प्रतिनिधिमंडल के साथ विदेश यात्रा पर हैं। वकील ने कार्यसूची में शामिल मद संख्या 30 से 33 की सुनवाई अगले सप्ताह सूचीबद्ध करने की प्रार्थना की, जिसे पीठ ने स्वीकार कर लिया।

एसआईटी गठन और फॉरेंसिक ऑडिटर का निर्देश

यह घटनाक्रम शीर्ष अदालत द्वारा 27 जुलाई को जारी निर्देशों के बाद सामने आया है, जब कोर्ट ने आईजीपी किरण एस के नेतृत्व में चार सदस्यीय विशेष जांच टीम (एसआईटी) के गठन का संज्ञान लिया था। अदालत ने जांच प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित करने और आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने के लिए राज्य सरकार को एसआईटी में एक फॉरेंसिक ऑडिटर को शामिल करने का निर्देश दिया था। इसके साथ ही एसआईटी को दो हफ्ते के भीतर स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का आदेश भी दिया गया था।

राजनीतिकरण पर चेतावनी और अब तक की गिरफ्तारियां

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इससे पहले 20 जुलाई की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने स्थानीय पुलिस के बजाय मामले की जांच एसआईटी को सौंपने की संभावना पर जवाब मांगा था। तब कानून अधिकारी ने पीठ को सूचित किया था कि औपचारिक एफआईआर दर्ज होने से पहले ही एसआईटी ने इस पूरे प्रकरण की पड़ताल की थी और मामले में अब तक आठ लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

उस दौरान चीफ जस्टिस ने मामले के राजनीतिकरण के प्रति सचेत करते हुए स्पष्ट कहा था कि अदालतें राजनीति की जगह नहीं हैं। यह सीधा-साधा एक अपराध का मामला है और अदालत की प्राथमिकता केवल एक निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करना है।

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याचिकाओं में सीबीआई जांच और सीएजी ऑडिट की मांग

इस मामले में कानूनी कार्यवाही 13 जुलाई को शुरू हुई थी, जब शीर्ष अदालत ने उत्तर प्रदेश पुलिस को प्रारंभिक स्टेटस रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया था और मंदिर प्रबंधन का संचालन करने वाले श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को नोटिस जारी किया था।

फिलहाल सुप्रीम कोर्ट मंदिर ट्रस्ट के वित्तीय अभिलेखों की उच्च स्तरीय जांच की मांग करने वाली तीन अलग-अलग याचिकाओं पर सुनवाई कर रहा है। याचिकाकर्ता नरेंद्र कुमार स्वामी ने केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराने और नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) से ट्रस्ट के खातों का वित्तीय ऑडिट कराने का अनुरोध किया है। अजय कुमार राय और दिनेश कुमार यादव द्वारा संयुक्त रूप से दायर दूसरी याचिका में भी ऐसी ही मांगें रखी गई हैं। इसके अतिरिक्त, राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के सांसद सुधाकर सिंह ने सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में सीबीआई जांच और मंदिर ट्रस्ट के पूरे वित्तीय मामलों के फॉरेंसिक ऑडिट के लिए याचिका दायर की है।

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