इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पूर्व नेता अतीक अहमद के जेल में बंद बेटों अली और उमर को उनके 21 वर्षीय छोटे भाई अबान अहमद के जनाजे में शामिल होने के लिए पैरोल दे दी है। अबान की उत्तर प्रदेश के झांसी जिले में एक सड़क हादसे में मौत हो गई थी। अतीक अहमद की बहन परवीन कुरैशी द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए जस्टिस अजय भानोट और जस्टिस दिवेश चंद्र सामंत की खंडपीठ ने पैरोल का यह आदेश जारी किया।
अदालत को अवगत कराया गया कि दफनाने की प्रक्रिया शनिवार सुबह निर्धारित है, जिसके बाद पीठ ने दोनों भाइयों को अंतिम संस्कार में शामिल होने की अनुमति प्रदान की। वर्तमान में अली झांसी जेल में तथा उमर लखनऊ जेल में बंद है।
झांसी में भीषण सड़क दुर्घटना
पुलिस के अनुसार, यह हादसा उस समय हुआ जब अबान अपने दोस्तों के साथ झांसी जेल में बंद अपने भाई अली से मुलाकात करने जा रहे थे। गुरुवार को झांसी जिले में उनकी एसयूवी अनियंत्रित होकर सड़क के डिवाइडर से टकरा गई। इस दुर्घटना में 21 वर्षीय अबान अहमद और उनके 25 वर्षीय मित्र सोनू की जान चली गई।
वाहन में मौजूद तीन अन्य लोग—आजम, मोहम्मद जावेद और उमर—गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें शुरुआत में झांसी मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया, जहां से बाद में उनके परिजन उन्हें प्रयागराज ले आए।
कसारी-मसाड़ी कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक करने की तैयारी
शुक्रवार सुबह अबान का पार्थिव शरीर प्रयागराज लाया गया। परिजनों के अनुसार, शनिवार सुबह प्रयागराज के कसारी-मसाड़ी कब्रिस्तान में उन्हें दफनाया जाएगा। कब्रिस्तान में अबान की कब्र उनके पिता अतीक अहमद की कब्र के पास ही तैयार की गई है। इसी जगह पर अतीक के भाई अशरफ और उनके एक अन्य बेटे असद को भी सुपुर्द-ए-खाक किया गया था।
पारिवारिक पृष्ठभूमि
अबान, अतीक अहमद के पांच बेटों में सबसे छोटे थे। उनके परिवार के अन्य सदस्यों की भी वर्ष 2023 में मृत्यु हो चुकी है।
अप्रैल 2023 में झांसी के निकट एक पुलिस मुठभेड़ में अतीक के बेटे असद की मौत हो गई थी। असद 2005 के बसपा विधायक राजू पाल हत्याकांड के मुख्य गवाह उमेश पाल की हत्या के मामले में वांछित था। इसके बाद 15 अप्रैल 2023 को प्रयागराज में पुलिस अभिरक्षा के दौरान डॉक्टरी जांच के लिए ले जाते समय पत्रकार बनकर आए तीन हमलावरों ने अतीक अहमद और उनके भाई अशरफ की गोली मारकर हत्या कर दी थी।

