कलकत्ता हाईकोर्ट ने बुधवार को तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के नेता जयप्रकाश मजूमदार को जमानत दे दी है। मजूमदार को करीब एक महीने पहले एक फ्लैट पर अवैध रूप से कब्जा करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।
अदालत में मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस अजय कुमार मुखर्जी ने टीएमसी नेता को इस शर्त पर जमानत देने की मंजूरी दी कि वह पुलिस जांच में पूरा सहयोग करेंगे। इसके साथ ही कोर्ट ने उन्हें सख्त निर्देश दिया है कि वह इस मामले से जुड़े किसी भी गवाह को प्रभावित करने या डराने-धमकाने की कोशिश नहीं करेंगे।
फ्लैट खाली न करने और धमकी देने का आरोप
कोलकाता के पूर्वी हिस्से में स्थित सॉल्ट लेक इलाके के एक फ्लैट मालिक की शिकायत पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 3 जून को जयप्रकाश मजूमदार को गिरफ्तार किया था।
मकान मालिक की शिकायत के अनुसार, मजूमदार ने साल 2014 में इस फ्लैट को किराये पर लिया था। आरोप है कि मकान मालिक के बार-बार अनुरोध करने के बावजूद टीएमसी नेता ने फ्लैट खाली नहीं किया और सालों तक उस पर कब्जा जमाए रखा। शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया कि जब भी उन्होंने बकाया किराया वसूलने या अपने फ्लैट का कब्जा वापस लेने की कोशिश की, तो मजूमदार ने उन्हें डराया और धमकाया।
जांच के दौरान हुआ था विरोध प्रदर्शन
अपनी गिरफ्तारी के दो दिन बाद, यानी 5 जून को जब पुलिस जांच के सिलसिले में मजूमदार को सॉल्ट लेक स्थित उसी फ्लैट पर लेकर पहुंची थी, तब वहां मौजूद स्थानीय लोगों ने उनके खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया था। इस दौरान पुलिस हिरासत में मौजूद टीएमसी नेता पर लोगों ने अंडे भी फेंके थे।
इस घटना के बाद से मजूमदार लगातार पुलिस और न्यायिक हिरासत में थे, जिसके बाद बुधवार को हाईकोर्ट ने उनकी जमानत याचिका को मंजूर कर लिया।

