कलकत्ता हाईकोर्ट ने पश्चिम बंगाल के पूर्व खेल मंत्री अरूप बिस्वास को बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने बुधवार को सॉल्ट लेक स्टेडियम में फुटबॉल स्टार लियोनेल मेसी के कार्यक्रम के दौरान हुई भारी अव्यवस्था से जुड़े एक मामले में बिस्वास को किसी भी दंडात्मक कार्रवाई से अंतरिम सुरक्षा प्रदान की।
यात्रा प्रतिबंध और कोर्ट की शर्तें
जस्टिस सौगत भट्टाचार्य ने अरूप बिस्वास को निर्देश दिया है कि वे अदालत की अनुमति के बिना शहर से बाहर न जाएं। गौरतलब है कि बिस्वास इससे पहले पूछताछ के लिए विधाननगर पुलिस द्वारा भेजे गए दो नोटिसों पर हाजिर नहीं हुए थे। इसके साथ ही कोर्ट ने पूर्व मंत्री को सात दिनों के भीतर अपना पासपोर्ट निचली अदालत (ट्रायल कोर्ट) में जमा करने का आदेश दिया है। इस अंतरिम आदेश के अनुसार, जांच एजेंसी जब भी पूछताछ के लिए नोटिस जारी करेगी, बिस्वास को पेश होना होगा। हालांकि, पुलिस को यह नोटिस कम से कम 48 घंटे पहले तामील कराना होगा।
मेसी के कार्यक्रम में फैली अव्यवस्था
यह मामला सॉल्ट लेक स्टेडियम में दिसंबर में आयोजित एक कार्यक्रम से जुड़ा है, जिसमें मची अफरा-तफरी के कारण फुटबॉल के दिग्गज खिलाड़ी लियोनेल मेसी को स्टेडियम छोड़कर जाना पड़ा था। सुनवाई के दौरान जस्टिस भट्टाचार्य ने कहा कि इस घटना से हर कोई शर्मिंदा था क्योंकि मेसी को इस तरह वापस जाना पड़ा। कोर्ट ने टिप्पणी की कि उस दिन मैदान पर तय सीमा से बहुत अधिक लोग मौजूद थे और याचिकाकर्ता (अरूप बिस्वास) उस समय राज्य के खेल मंत्री के पद पर थे।
हाईकोर्ट अब इस मामले पर अगली सुनवाई 4 अगस्त को करेगा।

