सुप्रीम कोर्ट की एक पीठ, जिसमें जस्टिस पंकज मिथल और जस्टिस एस.वी.एन. भट्टी शामिल थे, ने निर्णय दिया है कि किसी पूर्व संप्रभु शासक की व्यक्तिगत निजी संपत्तियां ज्येष्ठाधिकार (प्राइमोजेनीचर) के नियम के तहत स्वतः ही सबसे बड़े पुरुष वंशज को हस्तांतरित नहीं होती हैं। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि ऐसी संपत्तियां व्यक्तिगत उत्तराधिकार कानून
