रजरप्पा मंदिर के सौंदर्यीकरण पर झारखंड हाईकोर्ट सख्त, सुरक्षा चूक पर जताई चिंता, व्यापक सर्वे का आदेश

झारखंड हाईकोर्ट ने रजरप्पा स्थित मां छिन्नमस्तिका मंदिर में सुरक्षा और बुनियादी ढांचे की कमी पर कड़ा रुख अपनाया है। कोर्ट ने राज्य सरकार को मंदिर के सौंदर्यीकरण का औपचारिक प्रस्ताव पेश करने और भैरवी नदी के पास जानलेवा खतरों को दूर करने का निर्देश दिया है।

जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद और जस्टिस संजय प्रसाद की खंडपीठ ने संजीव कुमार द्वारा दायर अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए यह निर्देश जारी किए। याचिकाकर्ता का आरोप था कि अधिकारियों ने मंदिर परिसर के विकास के संबंध में हाईकोर्ट के सितंबर 2023 के आदेशों का पालन नहीं किया है।

श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए हाईकोर्ट ने पाया कि पर्याप्त सुरक्षा उपायों के अभाव में कई भक्त भैरवी नदी में डूब चुके हैं। बेंच ने राज्य पर्यटन सचिव मुकेश कुमार और रामगढ़ उपायुक्त फैज अहमद मुमताज को यह सुनिश्चित करने का आदेश दिया कि मंदिर से सटी नदी के किनारे तुरंत उचित बैरिकेडिंग की जाए।

कोर्ट ने इस बात पर जोर दिया कि जीवन की रक्षा करना प्राथमिकता होनी चाहिए। बेंच ने टिप्पणी की कि रिवरफ्रंट की वर्तमान स्थिति वहां आने वाले हजारों श्रद्धालुओं के लिए बड़ा खतरा है।

बेंच ने पर्यटन सचिव और रामगढ़ उपायुक्त को मंदिर और उसके आसपास के क्षेत्रों का व्यापक सर्वे करने का काम सौंपा है। इस सर्वे के आधार पर, अधिकारियों को अगली सुनवाई के दौरान एक विस्तृत सौंदर्यीकरण और विकास योजना प्रस्तुत करनी होगी।

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कोर्ट का यह हस्तक्षेप मंदिर की सुविधाओं में सुधार न होने के कारण हुआ है, जबकि इससे पहले भी रामगढ़ जिला प्रशासन और पर्यटन विभाग को परिसर को आधुनिक बनाने के निर्देश दिए गए थे।

सुनवाई के दौरान सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (CCL) द्वारा छोड़ी गई खदानों से होने वाले पर्यावरणीय और सुरक्षा खतरों का मुद्दा भी उठा। कोर्ट को बताया गया कि कोयला निकालने के बाद CCL द्वारा छोड़ी गई कई खदानें अब बड़े जल निकायों में बदल गई हैं। हालांकि इनमें मछली पालन किया जा रहा है, लेकिन बेंच ने कहा कि ये गहरे पानी के गड्ढे श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों के लिए खतरनाक हो सकते हैं।

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हाईकोर्ट ने इन बंद पड़ी खदानों को भरने के लिए कदम उठाने का निर्देश दिया। इसके अलावा, बेंच ने राज्य सरकार से पूछा कि क्या CCL ने अपनी कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) पहल के तहत मंदिर के विकास या भक्तों की सुविधाओं के लिए कोई योगदान दिया है।

जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए हाईकोर्ट ने 24 अप्रैल को अगली सुनवाई पर निम्नलिखित अधिकारियों को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहने का आदेश दिया है:

  • अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक (CMD), सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (CCL)
  • सचिव, जल संसाधन विभाग
  • सचिव, राज्य पर्यटन विभाग
  • उपायुक्त, रामगढ़
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कोर्ट अगली तारीख पर बैरिकेडिंग कार्य की प्रगति और प्रस्तावित सौंदर्यीकरण योजना की समीक्षा करेगा।

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