महात्मा गांधी पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी: बॉम्बे हाईकोर्ट ने गृह विभाग और नागपुर पुलिस को थमाया नोटिस

राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के खिलाफ कथित तौर पर अपमानजनक टिप्पणी करने के मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर बेंच ने कड़ा रुख अपनाया है। मंगलवार को इस मामले पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने महाराष्ट्र गृह विभाग और नागपुर शहर पुलिस से जवाब तलब किया है।

जस्टिस अनिल पंसारे और जस्टिस निवेदिता मेहता की खंडपीठ ने इस संबंध में राज्य के गृह विभाग, नागपुर पुलिस आयुक्त, वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेंद्र कुलश्रेष्ठ और कार्यक्रम के आयोजक निशांत गांधी को नोटिस जारी किया है। अदालत ने सभी प्रतिवादियों को 30 मार्च तक अपना जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।

यह कानूनी कार्रवाई स्थानीय कांग्रेस पदाधिकारी अश्विन बैस द्वारा अधिवक्ता आकाश मून के माध्यम से दायर एक याचिका के बाद शुरू हुई है। याचिका 15 फरवरी को ‘सकल हिंदू समाज सम्मेलन’ द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम से जुड़ी है।

याचिकाकर्ता का आरोप है कि इस कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेंद्र कुलश्रेष्ठ ने महात्मा गांधी के बारे में “अत्यधिक आपत्तिजनक” और अपमानजनक बातें कहीं। याचिका में विशेष रूप से उल्लेख किया गया है कि कुलश्रेष्ठ ने कथित तौर पर कहा कि गांधी को “राष्ट्रपिता” नहीं कहा जा सकता।

याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट से गुहार लगाई है कि वह नागपुर की सीताबर्डी पुलिस को इस मामले में कड़ी कार्रवाई करने का निर्देश दे। याचिका में पुष्पेंद्र कुलश्रेष्ठ को उनके भाषण के लिए और निशांत गांधी को कार्यक्रम के आयोजक के रूप में जिम्मेदार ठहराया गया है।

याचिकाकर्ता का तर्क है कि सम्मेलन में दिए गए बयान न केवल अपमानजनक थे, बल्कि राष्ट्रीय प्रतीकों और महापुरुषों के अपमान से जुड़े मौजूदा कानूनों के तहत कानूनी कार्रवाई के योग्य हैं।

सुनवाई के दौरान खंडपीठ ने साक्ष्यों की उपलब्धता पर जोर दिया। हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता को निर्देश दिया कि वह संबंधित भाषण की ऑडियो क्लिप जांच के लिए पुलिस अधिकारियों को उपलब्ध कराए। इसके साथ ही, अदालत ने याचिकाकर्ता को उक्त ऑडियो रिकॉर्डिंग कोर्ट में भी जमा करने का आदेश दिया है।

READ ALSO  केरल हाईकोर्ट में अठिराप्पिल्ली-कल्लाल प्लांटेशन में अनानास खेती रोकने की मांग; चालाकुडी नदी पर पारिस्थितिक खतरे का आरोप

अब इस मामले की अगली सुनवाई 30 मार्च को होगी, जब प्रतिवादियों द्वारा अपना जवाब पेश किया जाएगा।

Law Trend
Law Trendhttps://lawtrend.in/
Legal News Website Providing Latest Judgments of Supreme Court and High Court

Related Articles

Latest Articles