दिल्ली हाईकोर्ट ने संजय कपूर की पत्नी प्रिय एस कपूर और बहन मंधीरा कपूर स्मिथ को एक-दूसरे पर बयान देने से रोका

दिल्ली हाईकोर्ट ने मंगलवार को दिवंगत उद्योगपति संजय कपूर की पत्नी प्रिया एस कपूर और उनकी बहन मंधीरा कपूर स्मिथ को एक-दूसरे के विरुद्ध प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से बयान देने से परहेज करने का निर्देश दिया। यह आदेश न्यायमूर्ति मिनी पुष्कर्णा ने प्रिय कपूर द्वारा दायर मानहानि वाद पर सुनवाई करते हुए पारित किया।

न्यायालय ने कहा, “दोनों पक्षों को एक-दूसरे के विरुद्ध सीधे या परोक्ष रूप से कोई भी बयान देने में संयम बरतने का निर्देश दिया जाता है।”

अदालत ने मंधीरा कपूर स्मिथ और पॉडकास्ट होस्ट पूजा चौधरी को समन जारी करते हुए मामले की अगली सुनवाई मई में सूचीबद्ध की।

प्रिया कपूर ने अपनी याचिका में आरोप लगाया कि संजय कपूर के निधन के कुछ ही दिनों के भीतर उनकी ननद ने उन्हें बदनाम करने और सामाजिक रूप से अपमानित करने के उद्देश्य से “सुनियोजित और संगठित अभियान” शुरू किया।

वादपत्र के अनुसार, कथित मानहानिकारक बयानों में उनके विरुद्ध—

  • बेईमानी और नैतिक दुराचार के आरोप,
  • पेशेवर अक्षमता के आरोप,
  • संपत्तियों को छिपाने का आरोप, तथा
  • कंपनी पर अवैध नियंत्रण ग्रहण करने के आरोप लगाए गए।
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याचिका में कहा गया कि ये सामग्री पॉडकास्ट “इनकॉन्ट्रोवर्शियल विद पूजा चौधरी” सहित विभिन्न माध्यमों से प्रकाशित और प्रसारित की गई, जिससे उनकी प्रतिष्ठा, गरिमा, निजता और मानसिक शांति को गंभीर क्षति पहुँची।

प्रिया कपूर ने न्यायालय से प्रतिवादियों को उनके विरुद्ध किसी भी मंच पर सामग्री प्रकाशित करने से स्थायी रूप से रोकने, सभी कथित मानहानिकारक सामग्री हटाने, बिना शर्त सार्वजनिक माफी और ₹20 करोड़ हर्जाने की मांग की है।
उन्होंने मंधीरा कपूर स्मिथ के विरुद्ध एक आपराधिक मानहानि वाद भी ट्रायल कोर्ट में दायर किया है।

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मंधीरा कपूर स्मिथ की ओर से उपस्थित अधिवक्ता ने न्यायालय को बताया कि उनके मुवक्किल के विरुद्ध “सुनियोजित मीडिया ट्रायल” चलाया जा रहा है।

संजय कपूर का 12 जून को इंग्लैंड में एक पोलो मैच के दौरान गिरने के बाद निधन हो गया था। 

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