सबरीमाला मंदिर स्वर्ण चोरी मामला: SIT की जांच संतोषजनक, CBI जांच की ज़रूरत नहीं — केरल हाईकोर्ट

केरल हाईकोर्ट ने बुधवार को सबरीमाला मंदिर में कथित स्वर्ण गबन की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) को सौंपने से इनकार कर दिया और कहा कि विशेष जांच दल (SIT) द्वारा की जा रही जांच संतोषजनक रूप से आगे बढ़ रही है।

मुख्य न्यायाधीश राजा विजय राघवन वी और न्यायमूर्ति के वी जयकुमार की खंडपीठ ने यह टिप्पणी उस समय की जब वह भाजपा राज्य अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर सहित कई याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी, जिनमें मामले की जांच CBI को सौंपने की मांग की गई थी।

न्यायालय सूत्रों के अनुसार, पीठ ने कहा कि SIT “एक सक्षम इकाई है जिसमें योग्य अधिकारी कार्यरत हैं” और अदालत उनके कार्य को लेकर कोई निराशा नहीं फैलाना चाहती। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि वह इस जांच की सक्रिय निगरानी कर रही है और SIT द्वारा एकत्र किए गए तथ्यों से अवगत है।

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यह टिप्पणियाँ कांग्रेस के नेतृत्व वाले विपक्षी गठबंधन यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) के लिए झटका मानी जा रही हैं, जिसने मुख्यमंत्री कार्यालय पर SIT पर दबाव डालने और चार्जशीट दाखिल करने में देरी करने के आरोप लगाए हैं। UDF ने इस मुद्दे को लेकर मंगलवार और बुधवार को विधानसभा की कार्यवाही बाधित की।

इसके विपरीत, अदालत की टिप्पणियाँ सत्तारूढ़ एलडीएफ (LDF) सरकार के इस दावे को बल देती हैं कि जांच सुचारू रूप से चल रही है।

SIT फिलहाल दो मामलों की जांच कर रही है, जो भगवान अयप्पा मंदिर के द्वारपालक (Dwarapalaka) मूर्तियों और श्रीकोविल (गर्भगृह) के दरवाज़ों से संबंधित स्वर्ण गबन से जुड़े हैं। अब तक SIT ने 12 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें से तीन को चार्जशीट समय पर दाखिल न होने के कारण जमानत मिल गई है।

मुख्य आरोपी उन्नीकृष्णन पोट्टी को भी दोनों मामलों में वैधानिक जमानत मिल चुकी है और वह जमानत बॉन्ड भरने के बाद रिहा हो सकते हैं।

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हाईकोर्ट के इस फैसले से यह संकेत मिलता है कि न्यायपालिका को SIT की जांच पर पूरा भरोसा है और इस स्तर पर CBI जांच की आवश्यकता नहीं देखी जा रही है। यह मामला धार्मिक और राजनीतिक रूप से अत्यंत संवेदनशील माना जा रहा है।

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