दिल्ली हाईकोर्ट ने आतंकी फंडिंग मामले में अभियोग तय होने को चुनौती देने वाली इंजीनियर राशिद की याचिका खारिज की

दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को जम्मू-कश्मीर के बारामूला से लोकसभा सांसद शेख अब्दुल राशिद उर्फ इंजीनियर राशिद की उस अपील को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने आतंकी फंडिंग मामले में उनके खिलाफ अभियोग तय किए जाने को चुनौती दी थी।

जस्टिस प्रतिभा एम. सिंह और जस्टिस मधु जैन की खंडपीठ ने कहा कि अभियोग तय करने के आदेश के खिलाफ अपील विचारयोग्य नहीं है, क्योंकि यह अंतिम आदेश नहीं माना जाता। अदालत ने स्पष्ट किया:

“यह अपील विचार योग्य नहीं है और इसे इस आधार पर खारिज किया जाता है।”

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता ने तर्क दिया कि यह अपील लगभग 1100 दिन की देरी से दायर की गई है, जिसकी कोई उचित वजह नहीं है और इसे स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए। हालांकि, कोर्ट ने कहा कि जब अपील ही मेरिट पर विचार योग्य नहीं है, तो देरी के मुद्दे पर चर्चा की जरूरत नहीं है।

इंजीनियर राशिद को NIA ने 2019 में गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम यानी UAPA के तहत गिरफ्तार किया था। एजेंसी ने उन पर आरोप लगाया है कि उन्होंने कश्मीर में अलगाववादी संगठनों और आतंकी समूहों को आर्थिक मदद पहुंचाई।

NIA की FIR के अनुसार, उनका नाम सह-आरोपी व्यापारी जहूर वटाली की पूछताछ के दौरान सामने आया। अक्टूबर 2019 में अभियोजन पत्र दाखिल किया गया था और मार्च 2022 में विशेष NIA अदालत ने राशिद और अन्य आरोपियों के खिलाफ अभियोग तय किए थे।

उन पर जिन धाराओं में आरोप तय हुए हैं, उनमें शामिल हैं:

  • IPC की धारा 120B (आपराधिक साजिश), 121 (सरकार के खिलाफ युद्ध छेड़ना) और 124A (देशद्रोह)
  • UAPA के तहत आतंकवादी गतिविधियों और फंडिंग से संबंधित प्रावधान
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हाल ही में एक निचली अदालत ने इंजीनियर राशिद को संसद के बजट सत्र में भाग लेने की कस्टडी परोल के तहत अनुमति दी है। इसके तहत पुलिस सुरक्षा में उन्हें संसद लाया जाएगा और फिर तिहाड़ जेल वापस भेजा जाएगा।

गौरतलब है कि राशिद ने 2024 के लोकसभा चुनावों में नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला को हराकर बारामूला सीट से जीत दर्ज की थी

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