केरल हाईकोर्ट ने सोमवार को कहा कि सबरीमाला के अयप्पा मंदिर में श्रीकोविल (गर्भगृह) और द्वारपालकों की सोने जड़ी तांबे की प्लेटों को हटाकर नई प्लेटें लगाने की उसकी पूर्व आशंका अब विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र (VSSC) की रासायनिक जांच रिपोर्ट से और भी मजबूत हुई है।
मुख्य न्यायाधीश राजा विजय राघवन वी और न्यायमूर्ति के. वी. जयकुमार की पीठ ने विशेष जांच दल (SIT) की जांच रिपोर्ट पर सुनवाई करते हुए ये टिप्पणियां कीं। रिपोर्ट में बताया गया कि मंदिर से सोने की कथित चोरी के मामले में अब तक 11 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है और तीन अन्य की भूमिका की जांच जारी है।
कोर्ट ने कहा कि VSSC द्वारा परीक्षण की गई प्लेटों में मूल 1998 की परतों और 2019 व 2024–2025 में दोबारा की गई परतों में गंभीर भिन्नताएं पाई गईं।
“पुरानी प्लेटों में निकेल और ऐक्रेलिक पॉलिमर की अनुपस्थिति और नई प्लेटों में इनकी उपस्थिति, साथ ही सोने और निकेल की परत की मोटाई में फर्क — ये सभी इस ओर इशारा करते हैं कि एक योजनाबद्ध तरीके से पुरानी प्लेटों को बदलकर नई प्लेटें लगाई गईं,” कोर्ट ने कहा।
पीठ ने कहा कि यह रिपोर्ट न केवल संदिग्ध कार्यवाही को उजागर करती है, बल्कि साजिश की संभावनाओं और जिम्मेदार व्यक्तियों की पहचान की दिशा में महत्वपूर्ण साक्ष्य भी उपलब्ध कराती है।
कोर्ट ने कहा कि इस मामले की जांच ने कई सालों से छिपे गंभीर अनियमितताओं को उजागर किया है और यह केवल सतह पर दिख रही बात नहीं है।
जांच में यह भी सामने आया कि 2017 में बदले गए कोडिमराम (ध्वज स्तंभ) के शीर्ष पर लगे वजिवाहनम पर बड़ी मात्रा में सोने की परत थी, जिसे मंदिर के तत्कालीन तंत्री कंदरारू राजीवरू को सौंपा गया था। उन्हें भी इस मामले में गिरफ्तार किया गया है।
कोर्ट ने SIT को निर्देश दिया कि वह जल्द से जल्द VSSC के वैज्ञानिकों और तकनीकी विशेषज्ञों के बयान दर्ज करे, ताकि यह पता लगाया जा सके कि कितनी मात्रा में सोने की हेराफेरी हुई।
“रासायनिक विश्लेषण रिपोर्ट जांच का केंद्रीय आधार है,” कोर्ट ने कहा।
- SIT को मंगलवार को मंदिर परिसर में जाकर स्टोर रूम में रखे दो दरवाज़ों का सतही क्षेत्र मापने की अनुमति दी गई।
- दरवाज़ों से नमूने लेने और उनमें मौजूद सोने की मात्रा मापने की भी अनुमति दी गई।
- SIT में दो और अधिकारियों को शामिल करने की इजाज़त दी गई है।
- मामले की अगली सुनवाई 9 फरवरी को तय की गई है, तब तक विस्तृत स्थिति रिपोर्ट दाखिल करनी होगी।
यह मामला सबरीमाला मंदिर के गर्भगृह और द्वारपालकों की सोने की प्लेटों के कथित तरीके से हटाए जाने और नए plating में वास्तविक सोने की जगह अन्य मिश्रण के इस्तेमाल से जुड़ा है। जांच में संदेह है कि 2019 से लेकर 2025 के बीच हुए plating कार्यों के दौरान पुरानी सोने की प्लेटों को हटाकर कम गुणवत्ता की या नकली प्लेटें लगाई गईं।
कोर्ट की निगरानी में जांच और वैज्ञानिक रिपोर्ट ने इन संदेहों को पुख्ता आधार दे दिया है।

