सुप्रीम कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में यह स्पष्ट किया है कि राष्ट्रीय कंपनी कानून न्यायाधिकरण (NCLT) को कंपनी अधिनियम, 1956 के तहत ‘उत्पीड़न और कुप्रबंधन’ से जुड़ी याचिकाओं पर सुनवाई करते समय धोखाधड़ी के आरोपों और गिफ्ट डीड जैसे दस्तावेजों की वैधता की जांच करने का पूरा अधिकार है। न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता और न्यायमूर्ति
