सुप्रीम कोर्ट की पीठ, जिसमें न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति एन. कोटिश्वर सिंह शामिल थे, ने चेतन बनाम कर्नाटक राज्य (क्रिमिनल अपील संख्या 1568/2013) में सुनवाई करते हुए ट्रायल कोर्ट और कर्नाटक हाईकोर्ट द्वारा आरोपी की दोषसिद्धि को बरकरार रखा। कोर्ट ने दोहराया कि यदि अभियोजन पक्ष परिस्थितिजन्य साक्ष्यों की ऐसी श्रृंखला प्रस्तुत करता है जो
