सुप्रीम कोर्ट की एक पीठ, जिसमें भारत के मुख्य न्यायाधीश संजीव खन्ना, न्यायमूर्ति एम.एम. सुंदररेश और न्यायमूर्ति बेला एम. त्रिवेदी शामिल थे, ने एक महत्वपूर्ण निर्णय में कहा कि वस्तु एवं सेवा कर (GST) अधिनियम के तहत किसी व्यक्ति को केवल संभावित संज्ञेय (cognizable) और गैर-जमानती (non-bailable) अपराध की जांच के उद्देश्य से गिरफ्तार नहीं
