न्यायमूर्ति मुरली पुरुषोत्तमन की अध्यक्षता में केरल हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा कि वित्तीय संस्थानों द्वारा ऋण चूककर्ताओं की तस्वीरें सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित करना उनकी निजता और सम्मान के मौलिक अधिकार का उल्लंघन है। न्यायालय ने तिरुवनंतपुरम में चेम्पाजंथी कृषि सुधार सहकारी समिति लिमिटेड द्वारा दायर एक रिट याचिका को खारिज करते
