भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने न्यायमूर्ति पामिदिघंतम श्री नरसिम्हा और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की पीठ द्वारा दिए गए एक महत्वपूर्ण निर्णय में इस बात पर जोर दिया कि मध्यस्थ न्यायाधिकरण के अधिदेश को बढ़ाने के लिए “पर्याप्त कारण” प्रभावी विवाद समाधान को सुविधाजनक बनाने के व्यापक लक्ष्य के साथ संरेखित होना चाहिए। यह निर्णय मेसर्स
