न्यायमूर्ति एस.के. पाणिग्रही की अध्यक्षता में उड़ीसा हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण निर्णय में भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) को याचिकाकर्ता तपस्विनी पांडा के दावे का एक सप्ताह के भीतर पुनर्मूल्यांकन करने और उसका भुगतान करने का निर्देश दिया है। न्यायालय ने बीमा मामलों में जन्म तिथि के प्रमाण के रूप में मतदाता पहचान-पत्र की अविश्वसनीयता
