भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने फैसला सुनाया है कि व्याख्याताओं द्वारा की गई तदर्थ सेवा को कैरियर एडवांसमेंट स्कीम (सीएएस) के तहत वरिष्ठ वेतनमान की पात्रता के लिए नहीं गिना जा सकता है। यह निर्णय न्यायमूर्ति हिमा कोहली और न्यायमूर्ति अहसानुद्दीन अमानुल्लाह ने राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय, बीकानेर बनाम डॉ. ज़बर सिंह सोलंकी और अन्य (सिविल
