भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने पुष्टि की है कि वकीलों की व्यावसायिक गतिविधियों पर “व्यावसायिक प्रतिष्ठान” श्रेणी के तहत कर नहीं लगाया जा सकता है। न्यायमूर्ति बीवी नागरत्ना और न्यायमूर्ति ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की खंडपीठ ने दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) द्वारा दायर अपील को खारिज कर दिया। एमसीडी ने वाणिज्यिक श्रेणी के तहत अपने आवास
