एक ऐतिहासिक फैसले में, बॉम्बे हाई कोर्ट ने अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति (एससी/एसटी) के सदस्यों को दी जाने वाली व्यापक सुरक्षा की फिर से पुष्टि की है। न्यायमूर्ति रेवती मोहिते डेरे, न्यायमूर्ति भारती डांगरे और न्यायमूर्ति एनजे जमादार की पूर्ण पीठ द्वारा दिया गया
