केरल हाई कोर्ट ने त्रिशूर स्थित ब्यूटीशियन के खिलाफ ड्रग मामले को रद्द कर दिया

केरल हाई कोर्ट ने बुधवार को त्रिशूर स्थित एक ब्यूटीशियन के खिलाफ नशीली दवाओं के मामले को खारिज कर दिया, जिसे इस मामले में झूठा फंसाया गया था और जमानत पर रिहा होने से पहले उसने लगभग तीन महीने जेल में बिताए थे।

न्यायमूर्ति कौसर एडप्पागथ ने एफआईआर को रद्द कर दिया और कहा कि यह पाया गया कि उसके पास से जब्त किए गए टिकटों में कोई नशीला पदार्थ नहीं था।

उच्च न्यायालय ने यह भी दर्ज किया कि ब्यूटीशियन – शीला सनी – मामले में आरोपी नहीं थी।

यह आदेश सनी द्वारा दायर याचिका पर आया, जिसमें उन्होंने अपने खिलाफ ड्रग मामले को इस आधार पर रद्द करने की मांग की थी कि जांच अधिकारी द्वारा कोई उचित जांच नहीं की गई थी।

उसने अपनी याचिका में यह भी दलील दी कि उसके पास से जब्त किए गए टिकटों के रासायनिक विश्लेषण से पता चला कि उनमें लिसेर्जिक एसिड डायथाइलैमाइड (एलएसडी) नहीं पाया गया और इसे राज्य के एर्नाकुलम जिले में रासायनिक परीक्षक प्रयोगशाला विभाग द्वारा प्रमाणित किया गया है।

READ ALSO  विधानसभा में अवैध नियुक्तियों पर रिपोर्ट पेश करने के लिए हाई कोर्ट ने विधानसभा सचिव को एक सप्ताह का समय दिया

उनके खिलाफ मामला यह था कि उनके पास कथित तौर पर 0.106 ग्राम एलएसडी पाया गया था।

केरल सरकार ने रविवार को इस मामले में सनी की गिरफ्तारी और लगभग तीन महीने तक जेल में रहने पर खेद जताया था और मामले की जांच कर रहे उत्पाद शुल्क अधिकारी को निलंबित कर दिया था।

एक शिकायत के आधार पर राज्य के त्रिशूर जिले के चलाकुडी इलाके में उसके ब्यूटी पार्लर पर छापेमारी के बाद 27 फरवरी को उत्पाद शुल्क अधिकारियों ने महिला को गिरफ्तार किया था।

ढाई महीने बाद वह जमानत पर रिहा हो गईं।

READ ALSO  उत्तर प्रदेश में धर्मांतरण विरोधी कानून के तहत मिली पहली सजा, कोर्ट ने 5 साल की सजा सुनाई

महिला ने पिछले हफ्ते मीडिया को बताया कि उसे किसी ने “फंसाया” था और इसके पीछे के असली दोषियों का पता लगाने के लिए विस्तृत जांच की मांग की।

Related Articles

Latest Articles