एक महत्वपूर्ण फैसले में, दिल्ली हाईकोर्ट ने पाया कि दिल्ली विधानसभा का कोई अलग सचिवीय संवर्ग नहीं है, इसलिए इसके तहत कोई प्राधिकरण या अध्यक्ष के पास सदन सचिवालय में नियुक्तियां करने की कोई क्षमता नहीं है। न्यायमूर्ति चंद्र धारी सिंह की खंडपीठ के अनुसार, भारतीय संविधान का अनुच्छेद 187 अलग सचिवीय कर्मचारियों वाले राज्यों
