हाईकोर्ट के चार न्यायाधीशों की एनजीटी में न्यायिक सदस्यों के तौर पर नियुक्ति

कैबिनेट कमेटी ने नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के न्यायिक सदस्यों के तौर पर हाइकोर्ट के चार जजो की नियुक्ति को मंजूरी दे दी है। 

नियुक्त किये गए न्यायाधीश–

एनजीटी के न्यायिक सदस्यों के रूप में नियुक्त हुए जजों में दिल्ली हाइकोर्ट के पूर्व जस्टिस बृजेश सेठी और इलहाबाद हाइकोर्ट के वर्तमान न्यायाधीश बी अमित स्थालेकर , मद्रास हाइकोर्ट के जस्टिस एम सत्यनारायण एंव इलाहाबाद हाई कोर्ट से सेवानिवृत्त जस्टिस सुधीर अग्रवाल हैं। 

एनजीटी में नियुक्त न्यायाधीशों को 4 साल की समयसीमा या 65 वर्ष की आयु प्राप्त करने तक या अगले आदेश तक जो भी पहले होगा तब तक पद पर नियुक्त रहना होगा।

दिल्ली हाइकोर्ट के पूर्व जस्टिस बृजेश सेठी ने वर्ष 1982 में दिल्ली यूनिवर्सिटी से लॉ में डिग्री हासिल की । 4 नवंबर 1986 को दिल्ली न्यायिक सेवा जॉइन की और वर्ष 2000 में हाइकोर्ट न्यायिक सेवा में पदोन्नत हुए। 27 मई 2019 को दिल्ली हाइकोर्ट के स्थायी न्यायाधीश के रूप में पदोन्नत किये गए और 30 नवंबर 2020 को रिटायर्ड हो गए।

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जस्टिस बी अमित स्थालेकर ने वर्ष 1983 को इलाहाबाद यूनिवर्सिटी से कानून की शिक्षा हासिल की 21 नवंबर 2011 को इलाहाबाद हाईकोर्ट के अपर न्यायाधीश नियुक्त हुए। और 6 अगस्त 2013 को स्थायी न्यायाधीश के रूप में शपथ ली थी। 

जस्टिस सत्यनारायण को 23 अप्रैल 2008 को मद्रास हाईकोर्ट का अतिरिक्त न्यायाधीश और 9 नवंबर 2008 को स्थायी न्यायाधीश के रूप में नियुक्त किया गया था। 

न्यायाधीश सुधीर अग्रवाल ने वर्ष 1980 में मेरठ यूनिवर्सिटी से कानून की डिग्री हासिल की 5 अक्टूबर 2005 को इलाहाबाद हाइकोर्ट के अपर न्यायाधीश के रूप में नियुक्ति किया गया था। 10 अगस्त 2007 को स्थायी न्यायाधीश के रूप में शपथ ली। और अप्रैल 2020 तक सेवा प्रदान की।

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