दृष्टिबाधित अभ्यर्थियों के लिए स्क्रीन-रीडर सॉफ्टवेयर पर अनुपालन हलफनामा दाखिल करने को UPSC को एक सप्ताह का समय: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) को दृष्टिबाधित अभ्यर्थियों के लिए परीक्षाओं में स्क्रीन-रीडर सॉफ्टवेयर के उपयोग से संबंधित कार्ययोजना, समयसीमा और प्रक्रियाओं का विवरण देते हुए अनुपालन हलफनामा दाखिल करने के लिए एक सप्ताह का समय दे दिया।

न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की पीठ के समक्ष UPSC की ओर से कहा गया कि आयोग पूर्व के निर्देशों का “पूर्ण रूप से पालन” कर रहा है, किंतु हलफनामा दाखिल करने के लिए एक सप्ताह का समय आवश्यक है। पीठ ने समय प्रदान करते हुए मामले को 23 फरवरी को आगे की सुनवाई के लिए सूचीबद्ध कर दिया।

यह निर्देश 3 दिसंबर 2025 को मिशन एक्सेसिबिलिटी द्वारा दायर याचिका पर पारित निर्णय से संबंधित है। याचिका में सिविल सेवा परीक्षा में स्क्राइब पंजीकरण की समयसीमा में संशोधन तथा पात्र दृष्टिबाधित अभ्यर्थियों को स्क्रीन-रीडर सॉफ्टवेयर युक्त लैपटॉप और सुलभ डिजिटल प्रश्नपत्र उपयोग की अनुमति देने की मांग की गई थी।

अपने निर्णय में न्यायालय ने कहा था कि दिव्यांगजनों के अधिकार कोई दया या अनुग्रह नहीं, बल्कि संविधान द्वारा प्रदत्त समानता, गरिमा और भेदभाव-रहित जीवन के वचन का अभिन्न हिस्सा हैं।

न्यायालय ने UPSC को निर्देश दिया था कि:

  • प्रत्येक परीक्षा अधिसूचना में यह स्पष्ट प्रावधान शामिल किया जाए कि स्क्राइब के लिए पात्र अभ्यर्थी परीक्षा से कम से कम सात दिन पहले स्क्राइब बदलने का अनुरोध कर सकेंगे
  • ऐसे अनुरोधों का तीन कार्य दिवस के भीतर कारणयुक्त आदेश से निपटारा किया जाए
  • स्क्रीन-रीडर सॉफ्टवेयर के उपयोग के लिए कार्ययोजना, समयसीमा और प्रक्रियाओं का विस्तृत अनुपालन हलफनामा दो माह के भीतर दाखिल किया जाए
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न्यायालय ने यह भी कहा था कि हलफनामे में निम्नलिखित बिंदुओं का उल्लेख होना चाहिए:

  • सॉफ्टवेयर के परीक्षण, मानकीकरण और सत्यापन की प्रक्रिया
  • सभी परीक्षा केंद्रों या नामित केंद्रों पर आवश्यक अधोसंरचना की व्यवस्था
  • अगली परीक्षा चक्र से पात्र अभ्यर्थियों के लिए इस सुविधा को लागू करने की व्यवहार्यता

साथ ही UPSC को दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग और नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर द एम्पावरमेंट ऑफ पर्सन्स विद विजुअल डिसएबिलिटीज़ के साथ समन्वय कर सहायक प्रौद्योगिकी के उपयोग हेतु एकरूप दिशा-निर्देश और प्रोटोकॉल तैयार करने को कहा गया था।

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UPSC के अनुरोध को स्वीकार करते हुए पीठ ने एक सप्ताह का समय प्रदान किया और निर्देशानुसार अनुपालन हलफनामा दाखिल करने के लिए कहा। मामले की अगली सुनवाई 23 फरवरी को होगी।

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