केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज संसद में वित्तीय वर्ष 2026-27 का केंद्रीय बजट पेश करते हुए ‘विकसित भारत’ के संकल्प को साकार करने की दिशा में एक ऐतिहासिक विधायी कदम उठाया है। राजकोषीय विवेक और आक्रामक पूंजीगत व्यय (Capex) के बीच संतुलन साधते हुए, वित्त मंत्री ने ‘नया आयकर अधिनियम, 2025’ (New Income Tax Act, 2025) लाने की घोषणा की है, जो 1 अप्रैल, 2026 से मौजूदा 1961 के कानून को प्रतिस्थापित करेगा।
वित्त मंत्री ने अपने भाषण की शुरुआत सरकार के 12 वर्षों के कार्यकाल को “स्थिरता, वित्तीय अनुशासन और निरंतर विकास” का प्रतीक बताते हुए की। उन्होंने जोर देकर कहा कि वैश्विक अनिश्चितता और व्यापारिक चुनौतियों के बावजूद, भारत ने अपनी घरेलू क्षमता का निर्माण करते हुए वैश्विक बाजारों के साथ एकीकरण बनाए रखा है।
तीन ‘कर्तव्य’: बजट के आधारस्तंभ
इस बार का बजट तीन मुख्य ‘कर्तव्यों’ पर केंद्रित है, जो आर्थिक विकास, आकांक्षाओं की पूर्ति और समावेशी विकास (‘सबका साथ, सबका विकास’) को लक्षित करते हैं।
1. पहला कर्तव्य: आर्थिक विकास और विनिर्माण (Manufacturing)
विकास की गति को तेज करने के लिए सरकार ने सात रणनीतिक क्षेत्रों में हस्तक्षेप का प्रस्ताव दिया है:
- बायोफार्मा शक्ति (Biopharma Shakti): भारत को वैश्विक बायोफार्मा हब बनाने के लिए 5 वर्षों में 10,000 करोड़ रुपये का प्रावधान। इसमें 1,000 क्लिनिकल ट्रायल साइट्स का नेटवर्क बनाना शामिल है।
- सेमीकंडक्टर्स और इलेक्ट्रॉनिक्स: ‘इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0’ लॉन्च किया जाएगा, जिसमें उपकरणों और सामग्री पर फोकस होगा। इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट्स मैन्युफैक्चरिंग स्कीम के लिए 40,000 करोड़ रुपये का प्रस्ताव है।
- इन्फ्रास्ट्रक्चर और जलमार्ग: वित्त वर्ष 2026-27 के लिए पूंजीगत व्यय (Capex) का लक्ष्य बढ़ाकर 12.2 लाख करोड़ रुपये कर दिया गया है। ओडिशा में NW-5 सहित 20 नए राष्ट्रीय जलमार्ग शुरू किए जाएंगे।
- हाई-स्पीड रेल: मुंबई-पुणे, दिल्ली-वाराणसी और हैदराबाद-बेंगलुरु सहित सात नए कॉरिडोर की घोषणा की गई है।
2. दूसरा कर्तव्य: आकांक्षाएं और क्षमता निर्माण
युवाओं और सेवा क्षेत्र को ध्यान में रखते हुए:
- हेल्थकेयर स्किलिंग: अगले 5 वर्षों में 1 लाख एलाइड हेल्थ प्रोफेशनल्स और 1.5 लाख केयरगिवर्स को प्रशिक्षित करने की योजना है।
- शिक्षा: औद्योगिक गलियारों के पास 5 ‘यूनिवर्सिटी टाउनशिप’ स्थापित की जाएंगी।
3. तीसरा कर्तव्य: सबका साथ, सबका विकास
- कृषि: तटीय अर्थव्यवस्थाओं को बढ़ावा देने के लिए ‘नारियल संवर्धन योजना’ और काजू व कोको के लिए विशेष कार्यक्रम। किसानों के लिए नया एआई टूल ‘भारत-विस्तार’ (Bharat-VISTAAR) लॉन्च होगा।
- महिला उद्यमिता: ‘लखपति दीदी’ से आगे बढ़ते हुए, सामुदायिक स्वामित्व वाले खुदरा आउटलेट ‘SHE-Marts’ स्थापित किए जाएंगे।
राजकोषीय प्रबंधन (Fiscal Management)
सरकार ने राजकोषीय घाटे (Fiscal Deficit) को नियंत्रित करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। संशोधित अनुमानों (RE) के अनुसार 2025-26 के लिए घाटा जीडीपी का 4.4% है, जिसे 2026-27 (BE) में घटाकर 4.3% करने का लक्ष्य रखा गया है। ऋण-जीडीपी अनुपात (Debt-to-GDP ratio) भी घटकर 55.6% होने का अनुमान है।
प्रत्यक्ष कर प्रस्ताव: नया आयकर कानून और बड़े बदलाव
कानूनी बिरादरी और करदाताओं के लिए सबसे महत्वपूर्ण घोषणा पुराने आयकर कानूनों का ओवरहॉल है।
- नया आयकर अधिनियम, 2025: यह अधिनियम 1 अप्रैल, 2026 से प्रभावी होगा। करदाताओं को अनुकूलन के लिए समय देने हेतु नियम और फॉर्म जल्द ही अधिसूचित किए जाएंगे।
- TCS में बड़ी राहत: विदेशी टूर पैकेज पर टैक्स कलेक्टेड एट सोर्स (TCS) की दर को बिना किसी राशि की शर्त के घटाकर 2% करने का प्रस्ताव है। लिबरल रेमिटेंस स्कीम (LRS) के तहत शिक्षा और चिकित्सा उद्देश्यों के लिए भी TCS 5% से घटाकर 2% किया गया है।
- शेयर बायबैक (Buyback) पर टैक्स: टैक्स आर्बिट्राज को रोकने के लिए, अब शेयर बायबैक पर शेयरधारक के हाथों में ‘कैपिटल गेन्स’ के रूप में टैक्स लगेगा। प्रमोटरों को प्रभावी कर दर को बराबर करने के लिए अतिरिक्त बायबैक टैक्स देना होगा।
- सिक्योरिटीज ट्रांजेक्शन टैक्स (STT): वायदा बाजार (F&O) में ट्रेडिंग महंगी होगी। फ्यूचर्स पर STT 0.02% से बढ़ाकर 0.05% और ऑप्शंस पर 0.1% से बढ़ाकर 0.15% कर दिया गया है।
- ईज ऑफ लिविंग: मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल (MACT) द्वारा दिए गए ब्याज को अब आयकर से पूरी तरह छूट दी गई है, जो दुर्घटना पीड़ितों के लिए एक बड़ी राहत है।
- विदेशी संपत्ति प्रकटीकरण: छोटे करदाताओं के लिए एकमुश्त विदेशी संपत्ति प्रकटीकरण योजना (Foreign Asset Disclosure Scheme) का प्रस्ताव है।
अप्रत्यक्ष कर प्रस्ताव (Indirect Tax)
- कैंसर की दवाएं: 17 विशिष्ट कैंसर दवाओं पर बेसिक कस्टम ड्यूटी को घटाकर शून्य (Nil) कर दिया गया है।
- इलेक्ट्रॉनिक्स: मोबाइल फोन निर्माण और माइक्रोवेव ओवन के कुछ हिस्सों पर शुल्क घटाकर शून्य किया गया है।
- व्यक्तिगत आयात: व्यक्तिगत उपयोग के लिए आयातित सामानों पर टैरिफ दर 20% से घटाकर 10% कर दी गई है।
वित्त विधेयक, 2026 (Finance Bill, 2026) को सदन के पटल पर रखते हुए वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया कि प्रत्यक्ष करों में प्रस्तावित बदलाव 1 अप्रैल, 2026 से लागू होंगे, जबकि सीमा शुल्क (Customs) में बदलाव 2 फरवरी, 2026 से प्रभावी होंगे।

