आयु के हेराफेरी का खेल ऐसे पकड़ा न्यायाधीश ने, हत्या के आरोपी को थी बचाने की साजिश

बिहारशरीफ—-किशोर न्याय परिषद के प्रधान न्यायाधीश मानवेंद्र मिश्र ने 2 मई को राजगीर के मेला ठेकेदार कुंदन सिंह को गोली मारने के दोषी कुंदन को बचाने की साजिश पकड़ ली। आयु छिपाकर नाबालिग होने के आधार पर माफी दिलाने की कोशिश की गई थी। लेकिन अब कुंदन को वयस्क की भांति हत्या की सजा मिल सकेगी।

आपको बता दें कि आयु छिपाने के लिए आरोपित कुंदन की तरफ से आठवी क्लास का फर्जी प्रमाण पत्र सौंपा गया था। उसमे उसकी जन्मतिथि 15 जुलाई 2005 लिखी है। जज को इस प्रमाण पत्र पर संदेह हुआ।उन्होंने आदर्श मवि सरमेरा स्कूल के एचएम को कोर्ट में तलब किया। उन्होंने स्प्ष्ट कहा कि वह उनके स्कूल का छात्र नही रहा है। 

न्यायाधीश ने जेल में बंद हत्या का आरोपी से वीडियो कॉलिंग के माध्यम से पूछताछ की। इसमें वह प्रमाण पत्र में बताये गए स्कूल में कमरों की संख्या,खेल के मैदान का आकार और पढ़ाई के दौरान प्रधानाध्यापक का नाम नही बता सका। आरोपी ने न्यायाधीश के समक्ष कहा कि वह कोर्ट में पेश प्रमाणपत्र के बारे में कुछ भी नही जानता।यह सुनकर जज ने सबसे पहले हत्या के आरोपी को किशोर होने के दावे को खारिज किया। वहीं फर्जी प्रमाणपत्र बनवाकर कोर्ट में पेश करवाने वाले साइबर कैफे और कोर्ट के मुंशी के विरुद्ध जांच करके एफआईआर दर्ज करने के निर्देश सिटी एसपी को दिए है। 

Also Read

आपको बताते चले कि मेला ठीकेदार कुंदन सिंह को दो मई को गोली मारी गई थी। उपचार के दौरान पटना में 15 मई को उनकी मौत हो गई थी। इस मामले में पुलिस ने मेन शूटर के तौर पर कुंदन कुमार को अरेस्ट किया था। उसने कोर्ट में नाबालिग होने के दावा करके हत्या जैसे अपराध की कड़ी सजा से बचने की कोशिश की थी। 

Law Trendhttps://lawtrend.in/
Legal News Website Providing Latest Judgments of Supreme Court and High Court

Related Articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Latest Articles