मुंबई की एक विशेष पीएमएलए अदालत ने करोड़ों रुपये के टॉरेस इन्वेस्टमेंट धोखाधड़ी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार यूक्रेनी महिला को न्यायिक हिरासत के दौरान अंग्रेज़ी-रूसी अनुवाद शब्दकोश (डिक्शनरी) का उपयोग करने की अनुमति दी है।
आरोपित ताज़ागुल खसातोव (Tazagul Xasatov) ने अदालत में दावा किया कि उन्हें अंग्रेज़ी भाषा नहीं आती और उन्हें आरोपों को समझने के साथ-साथ मनोरंजन के लिए भी डिक्शनरी की आवश्यकता है। यह मामला 2025 की शुरुआत में सामने आया था, जब ‘टॉरेस ज्वेलरी’ ब्रांड नाम से काम करने वाली कंपनी ‘प्लैटिनम हर्न प्राइवेट लिमिटेड’ पर निवेशकों को धोखा देने के आरोप लगे।
विशेष पीएमएलए न्यायाधीश आर.बी. रोटे ने इस महीने की शुरुआत में दिए गए आदेश में कहा कि किसी भी अभियुक्त को उस पर लगे आरोपों को समझने का अधिकार है, और ऐसे में डिक्शनरी के उपयोग की अनुमति दी जानी चाहिए।
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने खसातोव की याचिका का विरोध करते हुए कहा कि वह लंबे समय से भारत में रह रही हैं और हिंदी व अंग्रेज़ी दोनों भाषाओं से परिचित हैं। ईडी ने आशंका जताई कि डिक्शनरी की अनुमति अन्य अभियुक्तों की मदद कर सकती है या जांच में बाधा उत्पन्न कर सकती है।
हालांकि, अदालत ने ईडी की आपत्तियों को खारिज करते हुए कहा कि डिक्शनरी देने से कोई “पूर्वाग्रह” नहीं होगा और ऐसी कोई ठोस सामग्री नहीं है जिससे यह साबित हो कि इससे जांच प्रभावित होगी। अदालत ने जेल प्रशासन को निर्देश दिया कि खसातोव को अंग्रेज़ी-रूसी डिक्शनरी के उपयोग की अनुमति दी जाए।
इस मामले की शुरुआत नवी मुंबई पुलिस द्वारा दर्ज एफआईआर से हुई थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि ‘प्लैटिनम हर्न प्राइवेट लिमिटेड’ ने मूसानाइट डायमंड और अन्य ज्वेलरी बेचने के नाम पर ग्राहकों से बड़ी रकम नकद में वसूली। बाद में यह पैसा वैध कारोबारी गतिविधियों में लगाने के बजाय हवाला ऑपरेटरों के जरिए बाहर भेजा गया और फिर उसे क्रिप्टोकरेंसी (USDT) में बदल दिया गया।
मनी लॉन्ड्रिंग की यह जांच प्रवर्तन निदेशालय द्वारा जारी है और इसमें कई अन्य आरोपितों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

