आधार लिंक न होने के कारण 3 करोड़ राशन कार्ड रदद करना गंभीर: सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली—- सुप्रीम कोर्ट ने आधार का राशन कार्ड से न लिंक होने पर तीन करोड़ से ज्यादा राशन कार्ड को रद्द करने को गंभीर मामला बताते हुए इससे संबंधित याचिका पर सुनावई करते हुए केंद्र व राज्य सरकार को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। 

याचिका में दावा ठोका गया है कि राशन कार्ड निरस्त होने से लोगों को खाना नही मिल पा रहा है। और लोगों के भुखमरी से मौत हो रही है। यह याचिका झारखंड की सिमडेगा निवासी कोली देवी नामक महिला ने दाखिल की है। जिसकी 11 वर्षीय बेटी संतोषी की 28 सितंबर 2017 को कथित भूख से मौत हो गई थी।

सीजेआई एस ए बोबडे की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने कहा कि यह मसला बेहद गंभीर है।हमे इस पर सुनवाई करनी होगी।साल 2018 से लंबित याचिका पर पीठ ने चार सप्ताह के भीतर जवाब देने को कहा है। कोर्ट ने केंद्र सरकार से यह भी कहा है कि इस याचिका को गलत तरीके से नही लिया जाना चाहिए। याची के पक्षकार वकील कॉलिन ने कोर्ट ने समक्ष कहा कि तकरीबन 3 करोड़ राशन कार्ड केंद्र सरकार के स्तर पर जबकि 10 लाख सभी राज्यों के स्तर पर निरस्त हुए हैं। अधिवक्ता कॉलिन ने कहा कि जनजातीय इलाकों में अंगुलियों के निशान या आँखों की पुतली वाले स्कैनर काम नही करते।बायोमैट्रिक तरीके से पहचान न होने से राशन कार्ड निरस्त किए गए हैं। 

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इस पर केंद्र सरकार ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि केवल फर्जी राशन कार्ड निरस्त किए गए हैं।केंद्र की तरफ से पेश सॉलिसिटर जनरल अमन लेखी ने कहा कि याचिका झुठ पर निर्भर है। खाद्य सुरक्षा कानून के तहत शिकायत निवारण की व्यवस्था है। 

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