सुप्रीम कोर्ट को मिले तीन नए जज, केंद्र ने नियुक्तियों की अधिसूचना जारी की

केंद्र सरकार ने सोमवार को तीन हाईकोर्ट चीफ जस्टिस को सुप्रीम कोर्ट का जज नियुक्त करने की अधिसूचना जारी कर दी। इन नियुक्तियों के बाद सुप्रीम कोर्ट में जजों की कार्यरत संख्या 37 हो जाएगी, जबकि स्वीकृत पदों की संख्या 38 है।

सुप्रीम कोर्ट में नियुक्त किए गए जजों में गुजरात हाईकोर्ट की चीफ जस्टिस सुनीता अग्रवाल, दिल्ली हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस डीके उपाध्याय और तेलंगाना हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस अपरेश कुमार सिंह शामिल हैं।

इन नियुक्तियों के लिए सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने 28 सितंबर को सिफारिश की थी।

जस्टिस सुनीता अग्रवाल

जस्टिस सुनीता अग्रवाल मूल रूप से इलाहाबाद हाईकोर्ट की जज हैं और जुलाई 2023 से गुजरात हाईकोर्ट की चीफ जस्टिस हैं।

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उन्होंने 1989 में अवध यूनिवर्सिटी से कानून की पढ़ाई पूरी की और दिसंबर 1990 में वकालत शुरू की। नवंबर 2011 में उन्हें जज नियुक्त किया गया।

जस्टिस अग्रवाल अप्रैल 2031 में सुप्रीम कोर्ट से रिटायर होंगी।

जस्टिस डीके उपाध्याय

जस्टिस डीके उपाध्याय ने लखनऊ यूनिवर्सिटी से कानून की पढ़ाई की और मई 1991 में वकील के रूप में नामांकन कराया।

मई 2007 से नवंबर 2011 में जज बनाए जाने तक वह उत्तर प्रदेश सरकार के चीफ स्टैंडिंग काउंसल रहे।

जुलाई 2023 में उन्हें बॉम्बे हाईकोर्ट का चीफ जस्टिस नियुक्त किया गया। इसके बाद जनवरी 2025 में उनका ट्रांसफर दिल्ली हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस के रूप में किया गया।

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जस्टिस अपरेश कुमार सिंह

जस्टिस अपरेश कुमार सिंह ने दिल्ली यूनिवर्सिटी से कानून की पढ़ाई की और 1990 में वकील के रूप में नामांकन कराया।

उन्होंने 1990 से 2000 तक पटना हाईकोर्ट में प्रैक्टिस की और इसके बाद 2012 में जज नियुक्त होने तक झारखंड हाईकोर्ट में वकालत की।

वह 20 दिसंबर 2022 से 19 फरवरी 2023 तक झारखंड हाईकोर्ट के कार्यवाहक चीफ जस्टिस भी रहे।

इसके बाद उन्हें त्रिपुरा हाईकोर्ट का चीफ जस्टिस नियुक्त किया गया, जहां उन्होंने 17 अप्रैल 2023 को शपथ ली। बाद में उनका ट्रांसफर तेलंगाना हाईकोर्ट कर दिया गया और उन्होंने 19 जुलाई 2025 को वहां चीफ जस्टिस के रूप में शपथ ली।

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