सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESIC) केवल इस आधार पर कर्मचारी राज्य बीमा अधिनियम, 1948 की धारा 45A के तहत योगदान (contribution) का संक्षिप्त निर्धारण (summary determination) नहीं कर सकता है कि नियोक्ता द्वारा प्रस्तुत रिकॉर्ड ‘अपर्याप्त’ या ‘कमियों वाले’ हैं। जस्टिस मनोज मिश्रा और जस्टिस उज्ज्वल भुइयां की
