प्रत्युषा मृत्यु मामला: सुप्रीम कोर्ट ने आत्महत्या के लिए उकसाने की सजा बरकरार रखी, दुष्कर्म व गला दबाकर हत्या की आशंका खारिज; आरोपी को 4 सप्ताह में सरेंडर का निर्देश

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को तेलुगु अभिनेत्री प्रत्युषा की वर्ष 2002 में हुई मृत्यु के मामले में जी. सिद्धार्थ रेड्डी की दोषसिद्धि को चुनौती देने वाली याचिका खारिज कर दी और उसे चार सप्ताह के भीतर आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया। अदालत ने अभिनेत्री की मां पी. सरोजिनी देवी की वह याचिका भी खारिज कर दी जिसमें मृत्यु में साजिश, दुष्कर्म और गला दबाकर हत्या का आरोप लगाया गया था।

न्यायमूर्ति राजेश बिंदल और न्यायमूर्ति मनमोहन की पीठ ने कहा कि रिकॉर्ड पर मौजूद साक्ष्य स्पष्ट रूप से बताते हैं कि मृत्यु विषाक्त पदार्थ के सेवन से हुई। पीठ ने कहा,
“गला दबाकर हत्या की संभावना को नकारा जाता है। दूसरा, प्रबल नेत्रसाक्ष्य और चिकित्सकीय साक्ष्य से यह सिद्ध होता है कि मृत्यु विष सेवन से हुई। तीसरा, अपीलकर्ता आरोपी के विरुद्ध दुष्कर्म का अपराध सिद्ध नहीं होता। इतनी देरी से यह कहना कठिन है कि मृत्यु का कारण दुष्कर्म और गला दबाना था।”

प्रत्युषा की मृत्यु 24 फरवरी 2002 को हैदराबाद में हुई थी। अभियोजन के अनुसार, वह और सिद्धार्थ रेड्डी लगभग छह वर्षों से संबंध में थे। जहां अभिनेत्री की मां इस संबंध के पक्ष में थीं, वहीं रेड्डी की मां विवाह के लिए तैयार नहीं थीं।

रिकॉर्ड के अनुसार, 23 फरवरी 2002 को दोनों ने एक कार में जाकर कीटनाशक की बोतल खरीदी, उसे शीतल पेय में मिलाकर पी लिया और आत्महत्या का प्रयास किया। बाद में उन्होंने अपना निर्णय बदल लिया और रेड्डी कार चलाकर उन्हें केयर अस्पताल ले गया। उपचार के बावजूद प्रत्युषा की मृत्यु हो गई जबकि रेड्डी बच गया।

वर्ष 2004 में ट्रायल कोर्ट ने रेड्डी को आत्महत्या के लिए उकसाने के अपराध में दोषी ठहराते हुए पांच वर्ष के कारावास और ₹5,000 के जुर्माने की सजा सुनाई थी। आत्महत्या का प्रयास करने के लिए उसे एक वर्ष के कारावास और ₹1,000 का जुर्माना भी लगाया गया था।

वर्ष 2011 में आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट ने उसकी अपील आंशिक रूप से स्वीकार करते हुए आत्महत्या के लिए उकसाने की सजा पांच वर्ष से घटाकर दो वर्ष कर दी थी।

सुप्रीम कोर्ट ने रेड्डी की दोषसिद्धि को बरकरार रखते हुए कहा कि चिकित्सकीय और अन्य साक्ष्य दुष्कर्म या गला दबाकर हत्या के आरोपों का समर्थन नहीं करते। अदालत ने अभिनेत्री की मां द्वारा लगाए गए षड्यंत्र और हत्या के आरोपों को भी स्वीकार करने से इनकार कर दिया।

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इसके साथ ही कोर्ट ने हाईकोर्ट द्वारा संशोधित सजा को बरकरार रखा और रेड्डी को चार सप्ताह के भीतर सरेंडर कर शेष सजा काटने का निर्देश दिया।

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