पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के खिलाफ दाखिल अपीलों के जल्द निस्तारण की मांग वाली याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट 16 अक्टूबर को सुनवाई करेगा। यह मामला राज्य में होने वाले आगामी निकाय चुनावों से ठीक पहले सामने आया है, जहां मताधिकार से वंचित नागरिक मतदान प्रक्रिया में शामिल होने के लिए न्यायिक हस्तक्षेप की मांग कर रहे हैं।
राज्य में चलाए गए विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के दौरान कई लोगों के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए थे। नाम कटने के बाद प्रभावित नागरिकों ने इसके खिलाफ अपील दायर की थी। अब याचिकाकर्ताओं ने शीर्ष अदालत से गुहार लगाई है कि उनकी लंबित अपीलों पर बिना किसी देरी के फैसला किया जाए, ताकि मतदाता के रूप में उनकी पात्रता तय हो सके।
आगामी निकाय चुनावों में भागीदारी का सवाल
अदालत पहुंचे मतदाताओं ने कहा कि वे राज्य में प्रस्तावित आगामी निकाय चुनावों में अपने मताधिकार का इस्तेमाल करना चाहते हैं। उनका पक्ष है कि यदि उनकी अपीलों का समय पर निपटारा नहीं हुआ, तो वे इन चुनावों में वोट डालने के अपने अधिकार से वंचित रह जाएंगे।

